Published On : Wed, Apr 19th, 2017

जिंदगी से हताश लोगो में उम्मीद की किरण जगा रहा एंटी सुसाइड कैंपेन


नागपुर:
हताशा और निराशा से मुक्ति पाना आत्महत्या के पीछे की सबसे बड़ी वज़ह है। तनाव में ख़ुद से भरोसा टूटने के कारण परिवार और समाज में होने के बावजूद इंसान इतना अकेला हो जाता है की वो मौत को गले लगा लेता है। देश में बढ़ रहे आत्महत्या के मामले चिंता की वजह है ऐसे में जरुरी है कुछ ऐसे लोगों की जो निराशा में माहौल में भरोसा जगा सके। नागपुर में आत्महत्या की प्रवृत्ति पर रोक लगाने का बीड़ा उठाया है राहुल मोटवानी ने। पेशे से इवेंट मैनेजर राहुल ने अपने एक करीबी को सिर्फ इसलिए खो दिया की वो खुद को निराशा से उबार नहीं पाया। यह घटना उनके दिल में घर कर गई और उन्होंने आत्महत्या के लिए प्रवृत्त होने वाले लोगो को सहारा देने के लिए अपने कुछ परिचितों के साथ मिलकर वर्ष 2013 में एंटी सुसाइड कैंपेन की शुरुवात की।

राहुल मोटवानी के मुताबिक उनका मकसद निराशा में जाने वाली जिंदगियों को बचाना है। जब से उन्होंने यह संस्था बनाकर काम शुरू किया तो अब कई लोग उनसे और उनके वालेंटियर से संपर्क करते है। उन तक पहुँचने वाले लोगों की समस्या किसी आम इंसान की ही तरह होती है कोई अपनी जॉब से परेशान है कोई प्यार से किसी पर कर्ज है और कोई किसी अन्य वजह से निराश है। यह समस्याएं तो आम है कोई इनसे लड़ पता है कोई नहीं। जो नहीं लड़ पाया वो आत्महत्या का फैसला ले लेता है। ऐसे लोगो को आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाने से रोकने के लिए राहुल और उनकी टीम काउंसलिंग करती है। जिसके लिए बाकायदा सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। एंटी सुसाइड कैंपेन ने कुछ फ़ोन नंबर जारी किये है जिनसे संपर्क कर अपनी बात बता कर उसका समाधान लिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री बने एंटी सुसाइड कैंपेन के ब्रांड एम्बेस्डर

एंटी सुसाइड कैंपेन से जुड़े कार्यकर्ता चाहते है की देश भर में युवाओं के बीच अपनी ख़ास पहचान रखने वाले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस अभियान से जुड़े। मुख्यमंत्री अगर आत्महत्या की मानसिकता के खिलाफ अगर जुड़ेंगे तो ज्यादा लोगो तक पहुँचा जा सकता है। राज्य में किसान आत्महत्या गंभीर समस्या है इस अभियान के तहत किसानो के बीच जाकर काम करने से उनके जीवन में प्रभावी बदलाव आएगा।

नोट – एंटी सुसाइड कैंपेन से 9326131042 /9960191693 इन नंबरों के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।