Published On : Sat, Jun 30th, 2018

आंगनवाड़ी : मशीनरी खरीदी में ४५ करोड़ का टेंडर घोटाला

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नागपुर: आंगनवाड़ी में कुपोषण ग्रस्त के साथ अन्य कार्यों के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्री सह मशीनरी खरीदी जाती हैं. करोड़ों के इस खरीदी प्रक्रिया में राज्य महिला व बाल कल्याण विभाग ने अपने करीबियों को काम देने के लिए निविदा शर्तों को नजरंअदाज किया. बीआईएस लाइसेंसीधारियों ने मुख्यमंत्री से उक्त घोटाले की स्वतंत्र जाँच एजेंसी से करवाने और उक्त टेंडर को रद्द करने की मांग करते हुए न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी. उल्लेखनीय यह है कि इसी मंत्रालय अंतर्गत पिछले ४ साल में छोटे से बड़ा इतना घोटाला हो चुका है जिस पर पर्दा डालने में सरकार सक्रीय रही और विपक्ष की चुप्पी समझ से परे हैं.

ज्ञात हो कि ‘नेशनल न्यूट्रीशन मिशन अंतर्गत प्रत्येक राज्य सरकार को आँगनवाड़ी से सम्बन्धी जिम्मेदारियों को निर्वाह करने के उद्देश्य से मशीनरी खरीदी करने हेतु निधि उपलब्ध करवाती हैं. केंद्र सरकार के योजनाओं को महिला व बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा सम्पूर्ण राज्य में संचलन किया जाता है.

इस क्रम में उक्त मंत्रालय ने मदर एंड चाइल्ड वेइंग स्केल,इंफंट(infant) वेइंग स्केल(अनाज आदि नापने वाली मशीन),स्टेडिओ मीटर(बड़े बच्चों को खड़ा कर ऊंचाई नापने वाली मशीन) और इन्फेंटो (बच्चों को लिटा कर लम्बाई नापने वाली मशीन) की ७९७४१ नग खरीदी हेतु लगभग ४५ करोड़ रूपए की निविदा जेम(gem) पोर्टल पर जारी किया।

कुल ४ प्रकार की मशीनरी ( नापने/तौलने की मशीन ) के लिए कुल ८ ठेकेदारों ने भाग लिया. निविदा शर्तों के हिसाब से पंजीकृत १२ बीआईएस लाइसेंसीधारी ठेकेदार ही टेंडर प्रक्रिया ले सकते थे, बावजूद इसके २ बीआईएस लाइसेंसी सह अन्य ६ गैर लाइसेंसी को टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति उक्त मंत्रालय ने दी.

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मंत्रालय के सम्बंधित अधिकारियों ने स्वार्थपूर्ति हेतु उक्त २ बीआईएस लाइसेंसी में से एक(नीतिराज) और दो गैर बीआईएस लाइसेंसी ( रमण व हार्दिक ) को उक्त चारों मशीनरी का ठेका रबड़ी की भांति बांट दिया. बीआईएस लाइसेंसी एप्पल नामक ठेकेदार को अयोग्य घोषित कर दिया गया. अधिकांश बीआईएस लाइसेंसीधारी ने निविदा शर्तों में काफी पेचीदगी के कारण भाग नहीं ले पाए. मंत्रालय के सम्बंधित अधिकारियों की तय रणनीति का फायदा उठाकर गैर बीआईएस लाइसेंसी रमन और हार्दिक को ठेका दिलवाया गया. इस टेंडर प्रक्रिया में लगभग २२ करोड़ रुपए के दो ठेके रमन मिले. इस धांधली में सम्बंधित अधिकारियों में तीनों ठेकेदारों ने लगभग १२% का कमीशन देने की जानकारी सामने आई है.

१- मदर एंड चाइल्ड वेइंग स्केल :- टेंडर १४ जून को जारी हुआ और २१ जून अंतिम तिथि दर्शाई गई थी.२२ जून को जब इच्छुकों ने ऑनलाइन जानकारी हासिल की तो उन्हें पोर्टल पर ३ फर्म ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया दिखा. विभाग ने तीनों कंपनी को अयोग्य दर्शाया था. फिर जब इच्छुकों ने २५ जून को पोर्टल पर टेंडर सम्बन्धी तहकीकात की तो उन्हें पोर्टल पर ८ कंपनी के भाग लेने की जानकारी दी गई. जिसमें से ६ कंपनी/ठेकेदारों का प्रस्ताव अयोग्य कर दिया गया और नीतिराज इंजीनियर्स लिमिटेड (धुलिया) और रमन सर्जिकल (दिल्ली) को योग्य ठहराया गया. इसमें से नीतिराज इंजीनियर्स लिमिटेड को ‘एल 1’ दर्शाकर कार्यादेश दे दिया गया. रमन सर्जिकल के पास बीआईएस लाइसेंस नहीं हैं,फिर भी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने दिया गया.

२- इंफंट(infant) वेइंग स्केल(अनाज आदि नापने वाली मशीन) :- इस ठेके का सरकारी दर ९,६१,७६,७०० था. जिसके ठेका प्रक्रिया में ५ कंपनियों ने भाग लिया था. इसमें से ४ योग्य और नीतिराज इंजीनियर्स लिमिटेड ​

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