Published On : Thu, Sep 25th, 2014

बुलढाणा : ….और दस साल के वेदांत ने रच डाली अपने ही अपहरण की साजिश


बुलढाणा।
 दस साल के बच्चे वेदांत शेलके ने सिर्फ इसलिए अपने अपहरण की साजिश रच डाली, क्योंकि मित्र के साथ इमली तोड़ने जाने पर उसे स्कूल जाने में विलंब हो गया था और उसे डर था कि इससे उसके शिक्षक और घरवाले नाराज हो जाएंगे. पुिलस भी पूरा माजरा जल्द ही समझ गई. इसलिए उसने मामला दर्ज नहीं किया. लेकिन पुलिस के कुछ घंटे जरूर तनाव के बीच गुजरे. यह घटना बुधवार की सुबह साढ़े 11 बजे के आसपास की है.

इमली तोड़ने जाना महंगा पड़ा
शहर के एडेड विद्यालय में वेदांत कक्षा पांचवीं का छात्र है. बुधवार को भी हमेशा की तरह वह साढ़े 11 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकला. मगर कक्षाएं शुरू होने से पूर्व ही वह अपने एक मित्र के साथ स्कूल के बाजू के परिसर में इमली तोड़ने चला गया. इमली तोड़ने के दौरान ही एक वृद्धा ने उसे भगाकर उसका बस्ता छीन लिया. फिर ‘इधर दोबारा नहीं आना’ की चेतावनी देकर बस्ता लौटा भी दिया.

…किसी तरह चंगुल से छूटकर भागा
लेकिन इसमें स्कूल जाने में विलंब हो गया. वेदांत सोच में पड़ गया कि शिक्षकों को वह क्या बताएगा. बस, उसके कुुटिल दिमाग ने योजना बनाई और उसने अपने ही अपहरण की साजिश रच डाली. स्कूल जाने पर जब शिक्षक ने विलंब से आने का कारण पूछा तो वेदांत ने कहा, मोटरसाइकिल पर आए तीन लोगों ने उसका मुंह दबाकर उसे ले जाने का प्रयास किया था, लेकिन किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर वह भाग आया.

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गहराई से पूछताछ में खुलासा
यह सुन तो शिक्षकों के भी होश उड़ गए. तुरंत पुलिस और वेदांत के परिजनों को इसकी सूचना दी गई. दिन-दहाड़े एक बच्चे के अपहरण की खबर ने पुलिस में भी खलबली पैदा कर दी. तुरंत स्कूल पहुंचे उपविभागीय पुलिस अधिकारी समीर शेख और थानेदार तांदले ने बच्चे से गहराई से पूछताछ की. लेकिन पूछताछ में ही यह साफ हो गया कि वेदांत के अपहरण का कोई प्रयास नहीं हुआ था. पुलिस ने इसीलिए कोई मामला भी दर्ज नहीं किया.

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Representational pic

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