Published On : Mon, Jul 20th, 2015

अमरावती : मेलघाट में चार दिनों बाद लौटी बिजली


170 गांव के आदिवासियों में रोष 

धारणी (अमरावती)। आदिवासी बहुल क्षेत्र मेलघाट की धारणी व चिखलदरा तहसील के 170 गांव में शुक्रवार की रात को खंडित हुई बिजली सोमवार को दोपहर में पुन लौटी, लेकिन बिजली के लौटने के बाद नागरिक चैन की सांस लेते फिर 4 घंटे के लिए लोडशेडिंग के नाम पर बिजली खंडित कर दी गई. जिससे लोगों का रोष चरम पर पंहुच गया. पहले ही 170 गांव के आदिवासियों द्वारा मुसलाधार बारिश के मौसम में 2 दिन व तीन रातें अंधेरे में बीताने के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी कार्यालय में तक नहीं पहुंचे न ही जनप्रतिनिधियों ने इन नागरिकों की सुध ली. जिससे आदिवासियों का गुस्सा चरम पर पंहुच गया.

दो दिन, तीन रातें डर के साए में
धारणी और चिखलदरा के 170 गांव की बिजली शुक्रवार की रात को गुल हो गई तीन दिनों तक गांव के नागरिकों ने बिजली विभाग के कार्यालय के चक्कर काटे लेकिन कार्यालय में आपरेटर के अलावा कोई अधिकारी उपस्थित नहीं रहा. आपरेटर काम चालू है कर उन्हे लौटाते रहे. जिससे नागरिकों को तीन राते और दो दिन अंधेरे के साए में डर के साथ बिताने पड़े. तीन दिनों बाद सोमवार को दोपहर 12 बजे बिजली लौटी. लेकिन 1बजे से फिर लोडशेडिग के तहत बिजली बंद हो गयी. जो शाम 5 बजे के बाद लौटी.

जनप्रतिनिधियों पर भी रोष
जनप्रतिनिधियों द्वारा भी इस ओर ध्यान नहीं दिए जाने और जनता की समस्या को लेकर आवाज न उठाने से भी नागरिकों में रोष पनपा. नागरिकों का कहना है. की सरकार ने 55 वर्ष पुरानी इस 32 के वी का लाईन को बदलने के लिए आकोल के हिवरखेड़ से 133 केवी लाईन बिछाने की योजना बनाई थी. लेकिन अब इस योजना का काम ठंडे बस्ते मे जमा हो गया है. अधिकारी भी योजना की प्रगती पर जानकारी नहीं दे रहे है. विभाग ने पूरानी जर्जर होती लाईन का भी मेंटनेस नहीं किया है. जिससे मामूली हवा पानी से भी सभी 170 गांव की बिबजली गुम हो जाती है. जिससे आदिवासीयों में प्रचंड असंतोष व्याप्त है. शीघ्र ही बिजली की इस समस्या से आदिवासियों को मुक्ति न मिलने पर जनआंदोलन की चेतावनी नागरिकों द्वारा दी जा रही है.

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