Published On : Mon, Mar 15th, 2021

पैरोल लेकर फरार होने वाले आवले दंपत्ति गिरफ्तार

मोका मामले के अभियुक्तों को सुनाई गई थी आजीवन कारावास की सजा

नागपुर: कमाल चौक के निवासी दीपक अनिल आवले और सुनीता दीपक आवले को मकोका मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. वे दोनों सजा काट भी रहे थे, लेकिन हाल ही में पैरोल पर रिहा हुआ यह दंपत्ति जेल नहीं लौटा. इसके चलते इन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने उनकी तलाशी शुरू की. इस बीच, गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए वाठोड़ा पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है.

लड़कियों और महिलाओं का इस्तेमाल कर आवले दंपति और उनका गिरोह लोगों को फंसाता था. यह महिलाएं जन्मदिन मनाने के लिए लोगों को घर आमंत्रित करती थीं. इस बीच आवले दंपत्ति और उनका गिरोह वहां छापा मारते थे. बलात्कार का मामला दर्ज कर बदनाम करने की धमकी देकर आवले दंपत्ति लोगों से लाखों रुपए ऐंठ रहे थे.

ऐसे ही एक मामले की जानकारी पुलिस को मिली. पुलिस ने दीपक और सुनीता के साथ उसके गिरोह को गिरफ्तार किया. सभी के खिलाफ मकोका के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया. सत्र अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और आजीवन कारावास तथा 15.16 लाख रुपए जुर्माना भरने की सजा सुनाई. दीपक को 2019 में पैरोल पर जेल से रिहा किया गया था, लेकिन वह अब तक भी वापस नहीं लौटा था.

नागपुर से पति, कलमेश्वर से पत्नी गिरफ्तार:
17 सितंबर, 2020 को विभागीय आयुक्त ने उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार सुनीता को 45 दिन की पैरोल दी थी. इस बीच, वह वाठोड़ा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सैयद तामीज के यहां रहना चाहता था, लेकिन वह पैरोल की समय सीमा खत्म होने के बाद वहाँ से फरार हो गया. उसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था. पुलिस कई दिनों से दोनों की तलाश कर रही थी. वाठोड़ा थाने के कांस्टेबल पवन साखकर को सूचना मिली कि दीपक कलमेश्वर से किसी से मिलने नागपुर आ रहा है. पुलिस ने छत्रपति रिंग रोड पर जाल बिछाया और उसे पकड़ लिया.

इसके बाद, दीपक से पूछताछ करने पर पता चला कि सुनीता भी कलमेश्वर में है. सुनीता को महिला पुलिस की टीम ने कलमेश्वर से गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई में अनिल ताकसांडे के मार्गदर्शन में पुलिस उप निरीक्षक रमेश नन्नावरे, बट्टूलाल पांडेय, जगन्नाथ घायवट, पवन साखरकर, रोहीदास जाधव, मिथुन नाईक, दीपक तार्हेकर और रेणुका वाकुलकर ने योगदान दिया.