Published On : Wed, Jun 2nd, 2021

CMPDI को सर्वेक्षण के लिए ड्रोन का उपयोग करने की अनुमति

– DGCA ने सशर्त छूट दी

नागपुर- नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कोल इंडिया लिमिटेड के कोयला क्षेत्रों में सर्वेक्षण के लिए सेन्ट्रल माईन प्लानिंग एण्ड डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) को सशर्त छूट दी है। प्राप्त अनुमति के अनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड के कोयला क्षेत्रों में UAV आधारित ऑप्टिकल, LIDAR और थर्मल पेलोड, वॉल्यूमेट्रिक माप का उपयोग करके मानचित्रण और सर्वेक्षण गतिविधि के डेटा के अधिग्रहण व निरीक्षण के लिए ड्रोन तैनात किए जा सकते हैं।

सशर्त छूट :- पत्र जारी करने की तारीख से 04 अप्रैल, 2022 तक या डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म (चरण-1) के पूर्ण परिचालन तक, जो भी पहले हो, तक मान्य है। यह छूट तभी मान्य होगी जब उपरोक्त सभी शर्तों और सीमाओं का कड़ाई से पालन किया जाएगा। किसी भी शर्त के उल्लंघन के मामले में, यह छूट अमान्य हो जाएगी।

कोल इंडिया लिमिटेड के कोयला क्षेत्र में यूएवी उड़ान के संबंध में CMPDI के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निम्नानुसार है
1. संचालन से पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय से यूएएस नियम, 2021 से छूट प्राप्त की जानी चाहिए।
2. वर्तमान सरकारी नियमों के तहत परिचालन संबंधी प्रतिबंधों का पालन किया जाना चाहिए।
3. एमओसीए / डीजीसीए / एमओडी / आईएएफ / एएआई / राज्य / जिला / नागरिक प्राधिकरण जैसी विभिन्न एजेंसियों से अनुमति या छूट के संबंध में शर्तों का अनुपालन। संचालन से पहले तीसरा पक्ष बीमा (थर्ड पार्टी इंश्योरेंस) होना चाहिए।
4. एसओपी का पालन, हालांकि इनमें बदलाव हो सकता है। यदि कोई अपरिहार्य स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसे लिखित रूप में दर्ज किया जा सकता है।
5. सीएमपीडीआई लिमिटेड, सुरक्षित संचालन और कानूनी मुद्दे के लिए जिम्मेदार होगा, यदि किसी व्यक्ति या संपत्ति को कोई क्षति होती है।
6. डीजीसीए और एमओसीए इस गतिविधि से संबंधित किसी जीवन / संपत्ति को किसी भी प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, आकस्मिक, या परिणामस्वरुप होने वाली क्षति या नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
7. यह एसओपी, कोल इंडिया लिमिटेड के कोयला क्षेत्र में एसओपी उड़ान के लिए केवल सीएमपीडीआई के लिए मान्य है।
8. उपरोक्त अनुमोदन, मौजूदा नियमों के प्रावधानों के अनुपालन, लागू नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (सीएआर) और समय-समय पर डीजीसीए द्वारा जारी किए गए विभिन्न परिपत्रों के साथ बिना कोई पक्षपात किये, दिया गया है। इसके अलावा यदि इस अनुमोदन की उक्त वैधता के दौरान किसी भी समय कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो इस अनुमोदन को बिना कोई कारण बताये बदल दिया जा सकता है या निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

CMPDI को मिला एक्सीलेंट का दर्जा

भारत सरकार के लोक उद्यम विभाग (DPI) ने सार्वजनिक उपक्रमों की मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) रेंटिंग जारी की है। यह रेटिंग वित्तीय वर्ष 2019-20 की है। रेटिंग में कोल इंडिया लिमिटेड को एक्सीलेंट का दर्जा मिला है। सीआईएल की अनुषांगिक कपंनियां भी इस सूची में हैं।यहां बताना होगा कि रेटिंग के आधार ही कोयला अधिकारियों का परफार्मेंस रिलेटेड पे (पीआरपी) का निर्धारण किया जाता है।
देखें कंपनी वार रेटिंग
CIL – एक्सीलेंट
BCCL – एक्सीलेंट
ECL – एक्सीलेंट
CCL– एक्सीलेंट
NCL – एक्सीलेंट
WCL – वैरी गुड
SECL – एक्सीलेंट
MECL – एक्सीलेंट
CMPDIL – एक्सीलेंट