Published On : Mon, Jul 27th, 2015

अकोला : ध्वनि प्रदूषण रोकने बरती जाएगी कड़ाई

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Akola 1
अकोला।
अकोला जिले में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए कड़ाई से नियमों का पालन किया जाएगी. किसी भी कार्यक्रम या उत्सव में लाऊड स्पीकर बजाने के लिए पुलिस प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है, ऐसा न करने पर फौजदारी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही ध्वनि प्रदूषण करने पर भी कडी कार्रवाई होगी. इसके लिए नागरिक आगे आकर शिकायत कर सकते है, ऐसी जानकारी निवासी उपजिलाधिकारी अनिल खंडागले ने आज जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित पत्र परिषद में दी.

जिलाधिकारी कार्यालय के लोकशाही सभागृह में पत्र परिषद का आयोजन किया गया था, जिसमें निवासी उपजिलाधिकारी अनिल खंडागले के अलावा महानगरपालिका आयुक्त सोमनाथ शेटे, अपर पुलिस अधीक्षक निकेश खाटमोडे, जिला सूचना अधिकारी युवराज पाटील उपस्थित थे.

उन्होंने पत्र परिषद में ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम को लेकर उठाए जा रहे कदमों के बारे में संयुक्त रूप से जानकारी दी. उच्च न्यायालय में डा. महेश बेडेकर ने जनहित याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई में उच्च न्यायालय ने ध्वनि प्रदूषण नियमन व नियंत्रण नियम 2000 एवं महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 के प्रावधान पर कड़ाई से अमल करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं. उसके अनुसार नगरपालिका व पुलिस प्रशासन के समन्वय से जिले में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों पर कडाई से अमल किया जाएगा. आगामी ग्राम पंचायत चुनाव, गणपति उत्सव एवं नवदुर्गा उत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन न हो इसलिए सावधानी बरतने की सूचना पुलिस प्रशासन को दी गई है. सभी पुलिस थानों की सीमा में लाऊड स्पीकर, डीजे मालिकों तथा शांति समिति की बैठक ली जाएगी, जिसमें उच्च न्यायालय के निर्देशों के संदर्भ में जानकारी दी जाएगी. वहीं एक अधिकारी, एक कर्मचारी का दल तैयार कर उनके नाम व संपर्क क्रमांक जिला पुलिस की वेबसाईट पर प्रसिद्ध करने की सूचना दी गई है, ऐसी जानकारी अनिल खंडागले ने दी.

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इसी प्रकार अपर पुलिस अधीक्षक खाटमोडे ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण नियमों का कडाई से अमल करने की सूचना नगरपालिका, ग्राम पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर लगाने की सूचना सभी पुलिस थानों के थानेदारों को दी गई है. वहीं आयुक्त सोमनाथ शेटे ने बताया कि महापालिका की ओर से ध्वनि प्रदूषण को लेकर योग्य सतर्कता बरती जा रही है, साथ ही शांति प्रिय क्षेत्र भी घोषित किए जा रहे हैं. इसके लिए अस्पताल, शाला, महाविद्यालयों के सामने ध्वनि प्रदूषण न करने को लेकर फलक लगाए जाएंगे. वहीं अब किसी भी उत्सव या आयोजन के लिए पंडाल लगाने के लिइ मनपा प्रशासन की अनुमति जरूरी है, ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी.

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