Published On : Tue, Jul 14th, 2015

अकोला : जादूटोना कानून से अंधश्रद्धा निर्मूलन कार्य को गति

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कार्यशला में उपविभागीय अधिकारी प्रा. खडसे का कथन

Jadutona
अकोला।
जादूटोना विरोधी कानून केकारण कार्यकर्ताओं को कानून का समर्थन मिला है. इसलिए अंधश्रद्धा निर्मुलन कार्य और प्रभावी ढंग से किया जाएगा और इस कार्य को गति मिलेगी, ऐसा प्रतिपादन उपविभागीय अधिकारी प्रा.संजय खडसे ने किया. स्थानीय डा. बाबासाहब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था पुणे व महाराष्ट अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संयुक्त तत्वावधान में जादूटोना विरोधी कानून अमल पर विभागीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन श्री शिवाजी महाविद्यालय के वसंत सभागृह में किया गया.

दो दिवसीय चली कार्यशाला में अंधश्रद्धा व जादूटोना विरोधी कानून, ढोंगी बाबाओं द्वारा किए जाने वाले चमत्कार व प्रयोग का प्रात्यक्षिक दिखाया गया. कार्यशाला का उद्घाटन उपविभागीय अधिकारी संजय खडसे के हाथों पानी के दीपक प्रज्ज्वलित कर किया गयाा. अध्यक्षता महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मुलन समिति के उपाध्यक्ष महादेवराव भुईभार ने की. मंच पर महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के राज्य प्रधान सचिव माधव बावगे राज्य महासचिव शहाजी भोसले, गजेंद्र सुरकर, प्राचार्य सुभाष भडांगे, डा. रमेश अंधारे, श्रीकृष्ण धोटे, नरेंद्र लांजेवार, पी.एस. खंदारे, बबनराव कानकिरड, प्रा. सुरेश वरभे, नशामुक्ति के प्रणेता व जीवदया प्रेमी दिलीपबाबा उपस्थित थे. प्रास्ताविक माधव बावगे ने किया.

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इस अवसर पर प्राचार्य सुभाष भडांगे को विदर्भ भूषण पुरस्कार मिलने की खुशी में समिति की ओर से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन प्रा. विवेक हिवरे, आभार प्रदर्शन बबनराव कानकिरड ने किया. कार्यशाला में शेकाप के भाई प्रदीप देशमुख, गुरूदेव सेवा मंडल के एड. रामसिंह राजपूत, भानुदास कराले, गोवर्धन खवले, वसंतराव केदार, रामेश्वर बरगट आदि मान्यवर उपस्थित थे. कार्यशाला के लिए डा. एम.आर. इंगले, संजय तिडके, प्रा. राहुल माहुरे, प्रा. हर्षवर्धन मानकर, रा.रा. बढे, प्रा. अनिल काले, नाना घिवे आदि ने सहयोग दिया.

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