Published On : Tue, Jun 23rd, 2015

अकोला : कुत्तों का शिकार बन रहे हिरन


बारिश के कारण मिट्टी में धंस रहे खुर 

अकोला। बारिश का मौसम आरंभ हो जाने के कारण जंगल परिसर में मिट्टी गीली हो गई है. यही वजह है कि उनके दौडने में बाधा आ रही है. इसी का लाभ उठाकर आवारा कुत्ते हिरनों का शिकार कर रहे हैं. विगत बीस दिनों में लगभग एक दर्जन से अधिक हिरनों की मौत आवारा कुत्तों के हमले से होने की जानकारी अकोला वन विभाग की ओर से प्राप्त हुई है. जंगलो में मुक्त विचरणकरने वाले हिरनों के झूंड परिसर में बढे हैं. वन्यजीवों की हत्या पर लगी पाबंदी के कारण इनकी तादाद बढी है. दौरान बारिश के कारण मिट्टी के गीले होने से हिरनों के नुकीले खुर जमीन में फंस रहे हैं, जिससे वे अपनी गति से दौड नहीं पा रहे हैं. इसका लाभ उठाकर शिकारी कुत्ते उन्हें अपना निवाला बना रहे हैं.

अकोला वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार खडकी के श्रद्धा नगर परिसर में 1 जून को एक बारहसिंघा, ३ जून को गुडधी परिसर में हिरन, अकोली खुर्द परिसर एवं पुराना शहर की सीमा में बारहसिंघा पाया गया जो बुरी तरह से कुत्तों के हमले में घायल था. १२ जून को पीकेवी परिसर में बारहसिंघा मृत पाया गया. खंडाला परिसर में 14 जून को बारहसिंघा अकोट फैले परिसर में 18 जून को हिरन, पावर हाऊस परिसर में इसी दिन एक हिरन मृत पाया गया. 19 जून को गुडधी परिसर में एक हिरन घायल अवस्था में पाया गया. इस तरह 10 मृत हिरन तथा 2 जीवित हिरन पाए गए. इस संदर्भ में राऊंड आफीसर कातखेडे ने बताया कि घायल अवस्था में मिले हिरन इतने डरे हुए होते हैं कि मनुष्य के दिखाई देने या छूने के कारण खौफ की वजह से उनकी मौत हो जाती है. मृत पाए गए हिरनों का शवविच्छेदन कर उन्हें जलाकर नष्ट कर दिया गया है. यह कार्रवाई सर्प मित्र शे.मोहम्मद उर्फ़ मुन्हा, वन रक्षक एस.पी. राऊत एवं वन रक्षक एन.पी. सोनोने केदल ने की.

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