Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Sat, Sep 23rd, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    एग्रोविजन प्रदर्शनी विदर्भ के किसानों के लिए लाभदायी : गडकरी

    Agrovision Agro Summit 2017
    नागपुर: केंद्रीय मंत्री एवं एग्रोविजन कृषि प्रदर्शनी के प्रणेता नितिन गडकरी ने शनिवार को आठ रास्ता चौक स्थित होटल अशोका में आयोजित पत्रपरिषद के दौरान कहा कि विदर्भ के किसानों के लिए यह प्रदर्शनी काफी लाभदायी साबित हो रहा है. इस प्रदर्शनी में किसानों के लिए परिषद् व कार्यशालाओं का आयोजन भी किया है. विदर्भ के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु उनके उपज का उत्पादन बढ़ाने एवं खेती से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण व्यवसाय पर मार्गदर्शन के साथ सहयोग किया जाएगा। ज्ञात हो कि प्रदर्शनी का आयोजन १० से १३ नवंबर २०१७ को रेशिमबाग मैदान पर आयोजित किया गया है. इस प्रदर्शनी का लाभ लेने हेतु विदर्भ के किसानों से आव्हान किया गया हैं.इस प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व अध्यक्षता नितिन गडकरी करेंगे। प्रदर्शनी को प्रत्साहित करने हेतु देश के उपराष्ट्रपति वेंकैय्या नायडू, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश शरद बोबडे,राज्य के कृषिमंत्री पांडुरंग फुंडकर,पशु संवर्धन मंत्री महादेवराव जानकर,मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री गिरिजा शंकर भेंट देंगे।

    बांस की खेती लाभप्रद :- गडकरी ने जानकारी दी कि विदर्भ में बांस का उत्पादन कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला सकता है। विदर्भ में बांस का वन है. खेती के चारों ओर बांस लगाए जाने से खेती में लगे फसलों की चौतरफा रक्षा होती है। बांस से इथेनॉल, सीएनजी, शर्ट व चादर आदि वस्त्र निर्माण, कागज निर्माण, अगरबत्तियों की सलाइयां, टाइल्स, घरों के छत का निर्माण, खाने का अचार, फर्नीचर निर्माण किए जाते हैं.राज्य सरकार ने बांस को ‘टीपी’ मुक्त करने से इसके खेती व अन्य सम्बंधित व्यवसाय को पाव पसारने का मार्ग प्रशस्त हुआ है. आजकल बांस की वस्तुएं निर्यात हो रही है, शानो-शौकत के लिए बांस से निर्मित वस्तुओं का उपयोग ‘कॉर्पोरेट हाउसेस’ कर रहे हैं.

    विदर्भ में बंजर जमीनों, वेकोलि-मॉइल सह अन्य खदानों की बेकार जमीनों सहित खेतों में ‘बांस का रोपण’ किया गया तो आय के नए स्त्रोत के साथ रोजगार का साधन भी उपलब्ध होगा।

    जल संग्रहण पर बल:- केंद्र व राज्य सरकार की सहायता से राज्य का सिंचाई क्षेत्र २२ से बढ़ातक ४०% तक ले जाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए नदियों का जो पानी किसी न किसी मार्फ़त समुद्र में मिल रहा है। उसे रोका जाना समय की मांग है। इससे जमीनों का जल स्तर बढेगा। शीघ्र ही केंद्र व राज्य सरकार संयुक्त रूप से अगले ३ माह में पहल शुरू करेगी।

    शहद का करें संकलन :– विदर्भ में वन क्षेत्र काफी है. नैसर्गिक पद्धति से कई वनस्पति से शहद का निर्माण होता है. इनके संकलन पर बल देने की जरूरत है। यह भी एक रोजगार व व्यवसाय के रूप में उभर रहा विकल्प है. इसका अत्याधिक संकलन निर्यात का मार्ग प्रसस्त कर सकता है.

    दूध विकास पर जोर:– दूध उत्पादन व्यवसाय को बढ़ावा देने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। दूध से बने उत्पादों को बेचने के लिए हाल ही में मनपा ने शहर में ३० जगह दिए,जहां केंद्र खोले गए.गडकरी ने आगे कहा कि विदर्भ के मालगुजारी तालाबों की साफ़-सफाई करने से स्वच्छ पानी संग्रहित होगा और इसमें मछली पालन व्यवसाय भी काफी लाभप्रद साबित हो सकता है. वर्धा में जल्द ही एक समूह ५०००० एकड़ जमीन में ऑर्गेनिक कपास की खेती शुरू करने जा रही है. राज्य सरकार ने कृषि व्यवसाय के उत्थान के लिए ३ लाख से अधिक कृषि पम्प वितरित किए हैं. गडकरी ने अपनी मंशा का उल्लेख करते हुए जानकारी दी कि जल्द ही सूखी घांस से इथेनॉल, सीएनजी तैयार करने सम्बन्धी प्रकल्प शुरू करने जा रहे हैं. इसके पीछे का उद्देश्य बतलाते हुए जानकारी दी कि इस ईंधन के उपयोग से किसानों को खेती आदि में उपयोग किए जाने वाले ईंधन से काफी सस्ता तो होगा ही, साथ में किसानों को सालाना इस नए ईंधन के इस्तेमाल से २५००० रुपए की बचत होगी।

    नागपुर में दिसंबर माह तक अन्तर्राष्ट्रीय विमानतल का काम शुरू हो जाएगा, जो विदर्भ के आसपास के व्यवसाय के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। पत्रपरिषद में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, डॉक्टर कि. डी. मायी,विधायक अनिल बोंडे,पूर्व सांसद दत्ता मेघे, गिरीश गांधी, रवि बोराटकर, रमेश मानकर आदि उपस्थित थे.

    Trending In Nagpur
    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145