Published On : Thu, Oct 25th, 2018

अग्रसेन मंडल चुनाव का विवाद पहुँचा अदालत

कलश पैनल की याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई

नागपुर – अग्रसेन चुनाव मंडल की कार्यकारणी चुनाव में जबरदस्त उठपटक का माहौल दिखाई दे रहा है। कलश और तराजू पैनल के बीच का विवाद अब अदालत तक पहुँच गया है। विवाद कलश पैनल से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार उर्मिला अग्रवाल का नामांकन रद्द होने की वजह से खड़ा हुआ। कलश पैनल ने चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त एड भरत भूषण अग्रवाल के इस निर्णय को गलत करार दिया है। कलश पैनल ने नामांकन रद्द किये जाने के फैसले के खिलाफ धर्मादाय आयुक्त के पास याचिका की थी। जिसे आयुक्त के ख़ारिज कर दिया। इसके बाद पैनल ने मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में याचिका दाखिल की है। गुरुवार को न्यायाधीश एस बी शुक्रे के समक्ष याचिका आयी। माननीय न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता की अपील को मंजूर किया। अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन निर्धारित किया है। जिसकी सुनवाई न्यायाधीश बी पी धर्माधिकारी और न्यायाधीश एस एम मोहोड़ की दोहरी पीठ करेगी।

इस मामले को लेकर कलश और तराजू पैनल एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे है। चुनाव में कुल तीन पैनल हिस्सा ले रहे है। एक अन्य पैनल अग्र युवा क्रांति पैनल ने इस मामले के सामने आने के बाद पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर संशय व्यक्त किया है। पैनल की ओर से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार कविता तेबडीवाल ने निष्पक्ष चुनाव करवाने की अपील की है। कविता के पैनल से जुड़े शरद अग्रवाल के मुताबिक हम निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया चाहते है। इस मामले में दोषी को अवश्य सजा मिलनी चाहिए। लेकिन चुनाव की प्रक्रिया अग्रवाल समाज मंडल के संविधान के अनुरूप होना चाहिए। इसके लिए बेहतर विकल्प है की थर्ड पार्टी की निगरानी में चुनाव होना चाहिए। इसके पहले जो कार्यकारणी थी उसने संविधान का उल्लंघन किया बीते 6 वर्षो से कार्यकारणी का चुनाव हुए ही नहीं। जबकि संविधान के अनुसार इस प्रक्रिया को हर तीन वर्ष में पूरा किया जाना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर धर्मादाय आयुक्त के पास एक याचिका दाखिल है।

इस सबके बीच कलश पैनल का भी कहना है कि चुनाव की प्रक्रिया निष्पक्षता के साथ नहीं पूरी की जा रही है। चुनाव अधिकारी पर विरोधी और सत्ता धारी पैनल का दबाव है। कलश पैनल के अध्यक्ष पैनल की उम्मीदवार का नामांकन रद्द करना गलत है। हम अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।