Published On : Tue, May 19th, 2020

पालको के जख्मों पर नमक न छिडके – अग्रवाल

विभागीय शिक्षण उपसंचालक का आदेश दिशाहीन

विदर्भ पेरेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप अग्रवाल ने आरोप लगाया की विभागीय शिक्षण उपसंचालक द्वारा सभी स्कूलों को फीस विषय में जो आदेश दिया है वो दिशाभूल करने वाला व गोलमोल है। हाल ही में विभागीय शिक्षण उपसंचालक द्वारा सभी स्कूलों को पत्र लिखकर सूचित किया है की वे पलको पर फीस को ले कर सकती न करे तथा बकाया फीस के लिए उन्हें किस्त दी जाय तथा नया शैक्षणीक वर्ष में फीस में कोई इजाफा नहीं किया जाये।

श्री अग्रवाल ने कहा की इस प्रकार का दिशाहीन, दिशाभूल आदेश निकल कर विभागीय शिक्षण उपसंचालक पालको के जख्मो पर नमक छिड़क रहा है और एकतरफा स्कूल संचालको को मदद कर रहा है। श्री अग्रवाल ने आगे कहा की पूरा देश कॅरोना महासकट के कारण अपने घरों में कैद है उसे आजीविका चलाना भी भारी पड़ रहा है ऐसे समय इस प्रकार का आदेश पालको के हितों के खिलाफ है। भारतीय अर्थव्यस्था पुरी तरह चौपट हो चुकी है ऐसे समय पालको को सरकार से बड़ी राहत की आवश्यकता है जब से विदर्भ पेरेंट्स एसोसिएशन ने लॉकडाउन के दौरान छात्रों की ३ माह की फीस माफ़ की जाये तथा शैक्षणिक वर्ष २०२० – २०२१ की स्कूलों की फीस में ५० % छूट दी जाए

तथा पाठक्रम व स्कूल गणवेशो में इस वर्ष कोई भी बदलाव नहीं किया जाए ऎसी मांग की है तब से ही सभी स्कूल संचालक व शिक्षण विभाग की भोए तन गई है बढ़ता विरोध व पालको को संघठित होता देख स्कूल संचालको ने शिक्षण विभाग के साथ मिलकर ऐसा दिशाहीन व दिशाभूल करनेवाला आदेश निकाल कर पालको को गुमराह करने की कोशिश की है। श्री अग्रवाल ने कहा की लॉकडाउन के दौरान छात्रों की ३ माह की फीस माफ़ की जाये तथा शैक्षणिक वर्ष २०२० – २०२१ की स्कूलों की फीस में ५० % छूट दी जाए तथा पाठक्रम व स्कूल गणवेशो में इस वर्ष कोई भी बदलाव नहीं किया जाए ऐसा ज्ञापन उन्होंने मुख्यमंत्री व शिक्षण मंत्री को ईमेल द्वारा भेजा है जो अभी विचाराधीन है

श्री अग्रवाल ने कहा की सभी स्कूले ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर ढोंग कर रहे है। सभी पालको से संगठित हो कर इसका विरोध करने की अपील की है , तथा कहा है की शिक्षण सम्राटो ने आज तक करोड़ो रुपए पालको से कमाए है अतः ये उनकी नैतिक जवाबदारी है की इस घडी में वे पालको को राहत प्रदान करे। श्री अग्रवाल ने मांग की है जब तक राज्य सरकार पालको के ज्ञापन पर कोई फैसला नहीं लेती तब तक पालको से फीस के नाम पर कोई भी प्रकार की वसूली न की जाये।