Published On : Tue, Mar 6th, 2018

जेएमएफसी कोर्ट से याचिका ख़ारिज हो जाने के बाद जनार्दन मून ऊपरी अदालत जाने की तैयारी में


नागपुर: संघप्रमुख डॉ मोहन भागवत के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने के संबंध की गई याचिका जेएमएफसी कोर्ट ने ख़ारिज कर दी। सेना पर दिए गए भागवत के बयान पर आपत्ति दर्ज कराते हुए पूर्व नगरसेवक जनार्दन मून ने उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की माँग अदालत से की थी। जेएमएफसी कोर्ट से याचिका ख़ारिज हो जाने के बाद मून अब जिला सत्र न्यायालय में नई याचिका दाखिल करने की तैयारी में है।

संघप्रमुख द्वारा दिए गए बयान को लेकर मून ने सीताबर्डी थाने में 15 फ़रवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। मून का दावा है की उनकी शिकायत पर पुलिस ने संज्ञान नहीं लिए जिस वजह से उन्होंने अदालत में याचिका दाखिल की थी जिसे ख़ारिज कर दिया गया। याचिका में मून ने संघप्रमुख के बयान को देशके ख़िलाफ़ करार देते हुए कलम 121 और 505 के तहत मामला दर्ज करने की माँग की थी। इस याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने प्रथमदृष्ट्या पाया की लगाए गए आरोप तथ्यहीन है जिस वजह से इसे ख़ारिज करने का फैसला अदालत ने दिया।

एक कार्यक्रम के दौरान मुजफ्फरपुर में भागवत ने कहाँ था की सेना में एक जवान को तैयार होने के लिए 6 महीने का समय लगता है जबकि आरएसएस देश के लिए लड़ने में सक्षम जवानों को मात्र तीन दिन में तैयार कर सकता है। भागवत के इस बयान पर विरोधियो द्वारा इस बयान पर आपत्ति दर्ज कराई यहाँ तक कि संघ द्वारा भी इस मामले पर सफ़ाई दी गई।