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    Published On : Wed, Oct 23rd, 2019
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    11 करोड़ 48 लाख 70 हजार रुपए के अवैध उत्खनन के बाद भी आखिर खनिकर्म विभाग खामोश क्यों ?

    नागपुर– सरकार को करोडो रुपए का राजस्व का चुना लगाकर अवैध गिट्टी उत्खनन की जानकारी सामने आयी है. जिसमे लीज समाप्त होने के बाद भी एक साल में 15,316 ब्रास गिट्टी निकालने का मामला सामने आया है. यह गिट्टी करीब 11 करोड़ 48 लाख 70 हजार रुपए की होने का अनुमान है. इस पुरे मामले में ख़ास बात यह है की जिलाधिकारी और खनिकर्म विभाग की ओर से अब तक इस मामले में कोई भी दखल नहीं ली गई है. यह पूरा मामला आरटीआई कार्यकर्त्ता एडवोकेट आशीष कटारिया ने उठाया है.

    उनके अनुसार एक साल पहले 1 सितंबर को वाड़ी क्षेत्र में खड़गांव रोड पर खनिकर्म विभाग ने एक ट्रक को पकड़ा ,ट्रक में बोल्डर ( गिट्टी ) भरा था जिसका अवैध तरीके से उत्खनन किया गया था. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक खनिकर्म अधिकारी आर के ठवरे ने छापा मारा और ट्रक क्रमांक MH -27 A 3213 को माल सहित जप्त किया.

    इस कार्रवाई के दौरान जानकारी सामने आयी की ट्रक में बरामद माल को वाड़ी की खड़गांव की खदान से अवैध रूप से खुदाई कर निकाला गया था. मामला सामने आने के बाद खनिकर्म विभाग के अधिकारियो ने ट्रक के मालिक नागपुर निवासी चेतन हिरणवार पर 2 लाख 15 हजार 800 रूपए की पैनल्टी लगाकर ट्रक को छोड़ दिया गया. लेकिन सवाल उठता है की जब ट्रक में बरामद माल अवैध था तो उसको जप्त क्यूँ नहीं किया गया. जिस जगह से खनिज पदार्थ का उत्खनन हुआ वहाँ खुदाई के लिए मशीनें लगाई गई होगी. ज़मीन में खुदाई करने की इजाज़त नहीं होगी तो कार्रवाई पूरी तरह से क्यूँ नहीं की गई. क्या इस मामले में खनिकर्म विभाग की भी लिप्तता है.

    आरटीआई कार्यकर्त्ता एडवोकेट आशीष कटारिया ने जानकारी देते हुए बताया की खडग़ांव है जहां से गिट्टी निकाली जा रही है. लेकिन सरकार को करोडो रुपए का राजस्व का नुक्सान होने के बावजूद भी प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है. इस मामले में आशीष ने जिलाधिकारी को आरटीआई में जानकारी मांगी है. आशीष का कहना है की जहां से गिट्टी निकाली गई है. इस जगह की लीज होमराज मेघराज पटेल के नाम से है और उसकी लीज समाप्त हो चुकी है. गिट्टी निकालने का कार्य चेतन हिरणवार कर रहा है. पिछले एक वर्ष में 15 हजार ब्रास का अवैध उत्खनन किया गया है. लेकिन खनिकर्म विभाग और जिलाधिकारी की ओर से किसी भी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं की गई.

    इस बारे में आशीष ने बताया कि खनिकर्म विभाग का कहना था की हमने हिरनवार से जानकारी मांगी थी और उसने जानकारी दी थी. इस प्लॉट की लीज 2017 में ही समाप्त हो चुकी है. लीज समाप्त होने के बावजूद भी इसमें अवैध उत्खनन जारी रहा है. आशीष ने इस मामले में कहा है की अगर हिरनवार पर कार्रवाई नहीं की जाती तो वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाने की उनकी तैयारी हो चुकी है. उन्होंने इस मामले में माइनिंग के अधिकारियो की मिलीभगत की बात भी की है.


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