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Published On : Fri, Apr 14th, 2017

एडिशनल डीजी ने नहीं दी कैदियों को इग्नू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने की अनुमति


नागपुर
: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू ) का 30वां दीक्षांत समारोह गुरुवार 13 अप्रैल को सम्पन्न हुआ। नागपुर क्षेत्रीय केंद्र द्वारा समारोह राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के गुरुनानक भवन में आयोजित किया गया था। इस समारोह में नागपुर सेंट्रल जेल के 3 कैदियों को भी डिग्री दी गईं। लेकिन फांसी और उम्रकैद के इन कैदियों के हाथ में डिग्रियां सिर्फ इसलिए नहीं मिल पाई क्योंकि पुणे स्थित एडीशनल डायरेक्टर जनरल ने सुरक्षा कारणों को लेकर उन्हें समारोह में शामिल नहीं होने दिया। इन कैदियों में विजय महाकालकर, श्यामराव ताराचंद वाघमारे व नारायण चेतनराव चौधरी का समावेश है। खास बात यह है कि इनमें से एक कैदी को मौत की सजा भी सुनाई गई है।

जबकि शेष दो कैदी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। हालांकि वे इस समारोह में नहीं आ पाए। दरअसल इग्नू की ओर से नागपुर सेंट्रल जेल प्रशासन को कैदियों को दीक्षांत समारोह में भेजने का निवेदन दिया गया था। जिसके बाद जेल अधिकारियों की ओर से दीक्षांत समारोह में जाने के लिए अनुमति के लिए यह पत्र पुणे के एडिशनल डीजी के पास भेजा गया था। लेकिन उनकी ओर से सुरक्षा कारणों को लेकर अनुमति नहीं दी गई। जिसके कारण कैदी इग्नू के दीक्षांत समारोह में नहीं पंहुच पाए।

इस बारे में इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पी. शिवस्वरूप से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 3 साल पहले इसी तरह से नागपुर के 6 कैदियों को इग्नू के दीक्षांत समारोह में निमंत्रण देकर उन्हें उपाधियां दी गई थी. लेकिन इस बार सुरक्षा कारणों के कारण कैदी नहीं आ पाए। उन्होंने बताया कि समारोह के 5 दिन पहले उनकी ओर से सेंट्रल जेल प्रशासन को यह निवेदन दिया गया था। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा जेल प्रशासन को अनुरोध किया गया था कि जेल में किसी कार्यक्रम के तहत यह उपाधियां इग्नू की ओर से उन कैदियों को प्रदान की जाएंगी।