Published On : Sat, Jun 12th, 2021

आचार्यश्री कुंथुसागरजी गुरुदेव पर्यावरण के रक्षक- डॉ. हर्षवर्धन

नागपुर : भगवान राम, कृष्ण, महावीर के चरणों से स्पर्शित यह हमारी भारत भूमि हैं. पर्यावरण की रक्षा हेतु व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया हैं सही मायने में गुरुदेव पर्यावरण के रक्षक हैं यह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भारत गौरव जगदगुरु गणाधिपति गणधराचार्य कुंथुसागरजी गुरुदेव के अमृत महोत्सव पर आयोजित समारोह में व्यक्त किया.

आचार्यश्री कुंथुसागरजी गुरुदेव अमृत महोत्सव द्वारा ऑनलाइन समारोह का आयोजन किया था. समारोह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, महाराष्ट्र विधानपरिषद के सभापति रामराजे निंबालकर, राज्य के नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, पूर्व उपमुख्यमंत्री विजयसिंह मोहिते पाटिल, डॉ. लोकेश मुनि उपस्थित थे. यह आयोजन सारस्वताचार्य देवनंदीजी गुरुदेव, आचार्यश्री गुणधरनंदीजी गुरुदेव, आचार्यश्री गुप्तिनंदीजी गुरूदेव ने किया था. देश के प्रमुख 120 से अधिक आचार्य, मुनि, आर्यिका माताजी उपस्थित थे. प्रमुख आचार्यो में वैज्ञानिक धर्माचार्य कनकनंदीजी गुरूदेव, आचार्यश्री पदमनंदीजी गुरूदेव, आचार्यश्री पुलकसागरजी गुरुदेव, आचार्यश्री सुविधिसागरजी गुरुदेव, आचार्यश्री कुशाग्रनंदीजी गुरुदेव, आचार्यश्री विरागसागरजी गुरुदेव, आचार्यश्री सिद्धांतसागरजी गुरुदेव, आचार्यश्री प्रज्ञासागरजी गुरुदेव, आचार्यश्री सौभाग्यसागरजी गुरुदेव, आचार्यश्री सुवीरसागरजी गुरूदेव, अमितसागरजी मुनिराज, अमोघकीर्तिजी मुनिराज, अमरकीर्तिजी मुनिराज, सुयशगुप्तजी मुनिराज, चंद्रगुप्तजी मुनिराज, गणिनी आर्यिका क्षमाश्री माताजी, गणिनी आर्यिका आस्थाश्री माताजी, आर्यिका जिनवाणी माताजी आदि की प्रमुख उपस्थिती रही. पंच दीप प्रज्ज्वलन वरिष्ठ समाजसेवी पद्मभूषण अन्ना हजारे, अनिता हुकुमचंद पाटनी, डॉ. राजुल सिंघई, विजयसिंह मोहिते पाटिल ने किया. आचार्यश्री गुप्तिनंदीजी गुरुदेव के मुखारबिंद से 75 भक्तों ने आचार्यश्री कुंथुसागरजी गुरुदेव को अर्घ्य समर्पित किया. मंगलाचरण भजन सम्राट अनूप जलोटा, पार्श्वगायिका अनुराधा पौडवाल ने किया.

भजन गायक रूपेश जैन ने प्रस्तुत किया. सरस्वती वंदना अनामिका अंबर ने की. संचालन आचार्यश्री गुणधरनंदीजी गुरुदेव और नितिन नखाते ने किया. वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया के मुख्य संपादक पवन सोलंकी ने विश्व स्तर अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन सर्वोदय धार्मिक शिविर में 61 से अधिक आचार्य, मुनि, गणिनी आर्यिका, आर्यिका माताजी, ऐलक, क्षुल्लक द्वारा शिविर को संबोधन और लाखो लाखो लोग शामिल होकर एक इतिहास बनाने पर वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया से गौरवान्वित किया.

इस अवसरपर भारत गौरव राष्ट्रसंत पुलकसागरजी गुरुदेव ने आचार्यश्री कुंथुसागरजी गुरुदेव को शुभकामना देते हुए कहा मंगलमय क्षण हैं, गुरुदेव की यशोगाथा, उनका जीवन, प्रभावना मुझे प्रभावित करती हैं. गणधराचार्य कुंथुसागरजी गुरुदेव किसमिस की तरह उपर मुलायम, अंदर से मुलायम, अंदर से मीठे, उपर से मीठे हैं. जिनशासन को महकानेवाले आचार्य हैं. आज हमारे पास इन आचार्यों की कृपा हैं. जो अपने जीवन को सार्थक करता हैं उसका जन्मोत्सव होता हैं, ऐसे महापुरुषों का जन्मोत्सव मनाना चाहिये. जैन दर्शन के त्याग का मुकाबला नहीं हैं. गुरुदेव ने चैतन्य तीर्थों का निर्माण किया हैं. गुरुदेव के शिष्य आचार्यश्री गुप्तिनंदीजी गुरुदेव का प्यार, आचार्यश्री गुणधरनंदीजी गुरुदेव का वात्सल्य मुझपर हैं.

डॉ. लोकेश मुनि ने कहा महान आचार्यों को वंदन करने से मिथ्यात्व का नाश होता हैं. दिगंबर पंथ के आचार्य कुंथुसागरजी गुरुदेव श्वेतांबर पंथ के संतों को सम्मान देते हैं.

अन्ना हजारे ने कहा संसार में आदमी जन्म लेता हैं कुछ दिन जीने के बाद चला जाता हैं. जीवन में फल की अपेक्षा ना रखते हुए ऐसे व्यक्ति का अमृत महोत्सव मनाया जाता जो कर्म किया हैं सखा भाव से किया हैं. बच्चा रोते रोते जन्म लेता हैं और परिवारवाले हंसते हैं, चले जाते हैं तो हंसते हंसते और परिवारवाले रोते हैं. सेवा का अर्थ निष्काम हैं. सुख चाहिये तो दुखियों की सेवा करो, निष्काम से कर्म करना चाहिये. सभी धर्मों में मानवता हैं, संतों के विचार देश को बदल सकते हैं. विज्ञान और धर्म को जोड़े तो सही परिवर्तन आयेगा.

सारस्वताचार्य देवनंदीजी गुरूदेव ने कहा हमारे गुरुदेव देश विदेश में अहिंसा का बिगुल बजा रहे हैं. जिस प्रकार पानी छान छानकर पीते हैं उसी प्रकार गुरुदेव ने जिनवाणी छान छान कर प्राशन किया हैं. अपने जीवन में सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया.

आचार्यश्री प्रज्ञासागरजी गुरुदेव ने कहा कुंथुसागरजी ने छोटे बड़े सभी संतों को प्रेम, वात्सल्य दिया हैं. उनके शिष्य एक से बढ़कर एक नौ रत्न शिष्य हैं.

नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा गुरुदेव ने भगवान महावीर के संदेश को जन जन तक पहुचाया हैं. 400 से अधिक ग्रंथों का लेखन किया हैं.

विधानपरिषद सभापति रामराजे निंबालकर ने कहा कुंथुसागरजी ने अपने जीवन को जयवंत किया हैं. कुंथुसागरजी ने इस देश को अनेक रत्न शिष्य दिये हैं.

राजस्थान विधानसभा के विपक्ष नेता गुलाबचंद कटारिया ने कहा राजनीति में रहते हुए मैंने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया उन्होंने जो मार्ग बताया उसी मार्ग पूरे प्रामाणिकता के साथ चल रहा हूं.

श्री. दिगंबर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मणीन्द्र जैन ने कहा आचार्यश्री कुंथुसागरजी गुरुदेव का जीवन सूर्य के समान दैदिप्यमान हैं.आचार्यश्री कुंथुसागरजी गुरुदेव का चरण प्रक्षालन भक्तों द्वारा किया गया. पिच्छि, कमंडल, शास्त्र भेट दिया गया.