Published On : Mon, Dec 8th, 2014

गड़चिरोली : आदिवासी हॉस्टल के छात्र भोजन से वंचित!

 

  • ठेकेदार के बिल नहीं देने से गरमाया मामला
  • प्रकल्प अधिकारी पी. शिवशंकर को हटाने की माँग पर अड़े विद्यार्थी

adiwasi hostel
गड़चिरोली। पिछले 6 महीने से भोजन आपूर्ति के बिल की रकम नहीं मिलने से आदिवासी हॉस्टल के विद्यार्थियों को 6 दिसम्बर को भूखे रहना पड़ा. इससे बौखला उठे विद्यार्थियों ने दोपहर एकात्मिक आदिवासी विकास विभाग प्रकल्प कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी कर प्रकल्प अधिकारी पी. शिवशंकर को हटाने की माँग करते रहे. ठेकेदार के बिल पास नहीं होने से आदिवासी हॉस्टल के छात्र भोजन से वंचित हो गए हैं.

आदिवासी विद्यार्थियों के हॉस्टल के भोजन व निवास की व्यवस्था दी गयी है, परंतु जिले के तीन प्रकल्प अंतर्गत विद्यार्थियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. अनेक आश्रम स्कूलों के गृहपाल के पद रिक्त हैं. हॉस्टल में बिजली व शौचालयों के अभाव है. शैक्षणिक सत्र समाप्त होने के कगार पर है फिर भी विद्यार्थियों को भोजन के लिए परेशान होना पड़ रहा है. फिलहास हॉस्टल के विद्यार्थियों को ठेकेदार के मार्फत भोजनापूर्ति की जा रही है, भोजन के लिए बिल का भुगतान न किए जाने के बाद से भोजन उन्हें नहीं मिल रहा है. जब तक पिछले बिलों का भुगतान नहीं किया जाएगा तब तक भोजन की आगे व्यवस्था नहीं किए जा सकने की ठेकेदार द्वारा खेद व्यक्त की जा रही है.

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शनिवार से भोजन व्यवस्था बंद है.  इसी के मद्देनजर विद्यार्थी लामबंद होकर माँग करने कार्यालय पहुँच गए. जिसमें से एक विद्यार्थी बेसुध होकर गिर पड़ा. विद्यार्थियों ने प्रकल्प अधिकारी पी. शिवशंकर को जवाबदार ठहराते हुए उन्हें तत्काल हटाने की माँग की. इस आंदोलन में आदिवासी विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष अनिल केरामी, प्रकाश मट्टामी, राकेश आत्राम, रविता नैताम, विकेश आत्राम, हेजल उईके, यशवंत मेश्राम, देवानंद सुरपाम, प्रवीण हलामी, रसुका दुगा, मुकेश नरोटे, अमर होली, चक्रपाणि मडावी, दौलत धुर्वे, संदीप वरखडे के साथ अनेक विद्यार्थी शामिल थे.

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