Published On : Thu, Dec 5th, 2019

शहर की एक नामी संस्था और विधायक ने की सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन्स की अवेलहना

पुलिस आयुक्त ने कहा ऐसा न करने के लिए जारी करेंगे प्रेस रिलीज

नागपुर: हैदराबाद में वेटरनरी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के साथ उसकी हत्या के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे है। शहर में भी प्रदर्शन के दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की तस्वीरें सामने आ रही है। प्रदर्शन में एक नामी संस्था के सदस्यों के साथ ही पूर्व मंत्री और विधायक की मौजूदगी में प्रदर्शन किया गया। लेकिन विरोध के बैनर के साथ ही उस बैनर पर मृतक पीड़िता की फोटो के साथ ही उसका नाम भी लिखा गया था। इसमें सबसे बड़ी बात यह है की जिन्हे सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की जानकारी है, ऐसे समाचार पत्र ने भी अपनी न्यूज़ में जैसा का वैसा ही बैनर डालकर सीधे सीधे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की ही अवेलहना की है। शहर में बुधवार 4 दिसंबर को विदर्भ के व्यापारियों की संस्था नाग विदर्भ चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सदस्यों द्वारा यह प्रदर्शन किया गया था। इसमें मोमबत्ती जलाकर मृतक को श्रद्धांजलि दी गई और आरोपियों के लिए फांसी की मांग की गई थी। इस दौरान पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक भी प्रमुख रूप से मौजूद थे। प्रदर्शन में संस्था के शहर के नामी व्यापारियों समेत नगरसेवक भी मौजूद थे।


जितने भी लोग इसमें प्रदर्शन कर रहे थे। इनमे से ज्यादतर लोगों को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स की जानकारी है। बावजूद इसके विधायक समेत सभी लोगों की ओर से नियम का उल्लंघन किया गया। इसके साथ ही शहर के एक समाचार पत्र जो दोपहर में निकलता है उसने भी फोटो को बिना एडिट किए ही छाप दिया है। इस घटना के बाद लगातार यह मुद्दे उठ रहे है की न्यूज़ चैनेलो और ऐसे समाचारपत्रों पर किस तरह से लगाम लगाई जाए। कई चैनेलो और संघटनो की ओर से प्रदर्शन तो किए जा रहे है। लेकिन मृतक का नाम और फोटो भी सार्वजानिक किया जा रहा है। जो की सरासर गलत है। इसको लेकर ‘ नागपुर टुडे ‘ ने भी 4 तारीख को एक न्यूज़ प्रकाशित की थी। जिसमे नागरिकों से मृतक पीड़िता की फोटो और नाम के साथ प्रदर्शन न करने की अपील भी की गई थी।

इस बारे में महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की चेयरमैन विजया राहटकर से संपर्क करने की कोशिश की गई, उन्हें एसएमएस भी किया गया। लेकिन उनकी ओर से किसी भी तरह का कोई भी प्रतिसाद नहीं दिया गया।

नागपुर शहर के पुलिस आयुक्त डॉ. भूषणकुमार उपाध्याय ने इस पर कहा की अब तक जितने भी प्रदर्शन किए गए है। उनपर कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन अब ऐसा न करने के लिए पब्लिक डोमेन में प्रेस रिलीज जारी की जाएगी।