
गोंदिया। शहरी क्षेत्र में बुनियादी नागरिक सुविधाएं प्रदान करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 में शुरू की गई भारत सरकार की महत्वाकांक्षी अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत योजना) के तहत अब नगरसेवक लोकेश (कल्लू ) यादव के प्रयासों से गोंदिया शहर को बड़ी सौगात मिलने जा रही है।
अटल पुनर्जीवन और शहरी परिवर्तन देश का पहला लक्षित राष्ट्रीय जल मिशन माना जाता है। इसी ( अमृत ) योजना के अंतर्गत गोंदिया के रेलवे सरकारी तालाब के बुनियादी ढांचे की मजबूती और व्यापक सौंदर्यीकरण के लिए गोंदिया नगर परिषद द्वारा 35 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
इस राशि से तालाब की क्षमता निर्माण, सुधार क्रियान्वयन, जलापूर्ति, सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन, किनारों पर हरित क्षेत्र एवं पार्कों का विकास, आंतरिक व बाह्य क्षेत्र में आधुनिक रोशनी से साज-सज्जा जैसे कार्य अमृत योजना के तहत किए जाएंगे।
अब शहर में ही बोटिंग का मज़ा
अमृत परियोजना पूर्ण होने के बाद गोंदिया वासियों को मोटर और पैडल बोटिंग का आनंद लेने के लिए डोंगरगढ़, नवेगांवबांध या सिवनी के तालाबों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शहर के बीचों-बीच स्थित रेलवे सरकारी तालाब में ही यह सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
तालाब के पूर्ण सौंदर्यीकरण का मसौदा तैयार किया जा रहा है। यह 10.5 हेक्टर भूमि रेलवे विभाग के स्वामित्व की है, जिसमें 7.5 हेक्टर क्षेत्र जलभाग (वॉटर बॉडी एरिया) है। उक्त भूमि को लीज पर नगर परिषद को हस्तांतरित कर मंजूरी देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
‘ अमृत’ से निखरेगा गोंदिया का जल-आइना- लोकेश यादव
क्षेत्र में भू-जल स्तर में गिरावट को रोकने और जलसंवर्धन के दृष्टिकोण से वर्ष 2010 से केंद्र सरकार के साथ निरंतर पत्राचार नगरसेवक पंकज यादव और लोकेश यादव की अनुशंसा पर किया जा रहा था। अब ड्राफ्ट प्लान एवं अनुमानित खर्च तैयार कर गोंदिया नगर परिषद ने अमृत योजना के तहत 35 करोड़ रुपए का बजट आवंटित कर इस दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं।
नगरसेवक लोकेश कल्लू यादव ने नागपुर टुडे से चर्चा में बताया कि वे लगातार इस परियोजना की मंजूरी को लेकर प्रयासरत थे। नगर परिषद ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है और रेलवे प्रशासन के साथ लीज एग्रीमेंट की अंतिम प्रक्रिया पूरी होते ही टेंडर जारी कर 35 करोड़ की परियोजना का वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा ,कार्य पूर्ण होने के बाद देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी नगर परिषद की होगी।
नई रौनक और नए पर्यटन ठिकाने का होगा निर्माण
अमृत योजना की निधि से नगर परिषद गोंदिया द्वारा निम्न विकास कार्य प्रस्तावित हैं-तालाब का गहराईकरण व व्यापक सौंदर्यीकरण ,गंदे पानी की निकासी हेतु अलग नाले का निर्माण , उच्च स्तरीय प्रकाश व्यवस्था एवं विद्युतीकरण ,चारों ओर फेंसिंग बाड़ ,संगीत फव्वारा, पंप हाउस व पाइपलाइन ,पक्की फर्श (वॉकिंग ट्रैक) ,जलमग्न क्षेत्र में उतरने व टापू तक जाने हेतु मार्ग , टापू के बीचों-बीच वरुण देवता भगवान श्री झूलेलालजी की प्रतिमा ,वृक्षारोपण एवं बागवानी ,बुजुर्गों के बैठक के लिए आधुनिक बेंच , डिजिटल लाइटिंग , हनुमान मंदिर टेकरी के निकट सीढ़ियां ,छोटी मूर्ति विसर्जन हेतु अलग जलकुंड का निर्माण किया जाएगा।
रेलवे तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाना बड़ी चुनौती
रेलवे तालाब की 10.5 हेक्टर भूमि में से 3 हेक्टर से अधिक जमीन पर वर्तमान में अवैध कब्जे कर पक्के मकान और झोपड़ियां बना ली गई हैं। रेलवे प्रशासन अपनी जमीन कभी नहीं छोड़ता, यह उसका सख्त नियम है। अब संबंधितों को नोटिस जारी कर रेलवे प्रशासन, नगर परिषद के तोड़ू दस्ते और पुलिस विभाग की सहायता से अवैध अतिक्रमण हटाया जाएगा। पूरी 10.5 हेक्टर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर तालाब के गहराईकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
35 करोड़ की यह परियोजना पूर्ण होने के बाद शहर को पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी। आधुनिक रोशनी, हरित क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक और मोटरबोट जैसी सुविधाएं गोंदिया के सामाजिक और पर्यटन मानचित्र को नई ऊंचाई देंगी।
रवि आर्य









