Published On : Thu, Apr 30th, 2015

अकोला : बलात्कारी को 7 वर्ष का सश्रम कारावास


नाबालिक के साथ किया था दुष्कर्म

अकोला। मकान में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर आरोपी ने नाबालिक के साथ दुष्कर्म किया था. इस मामले में न्यायालय में पेश किए गए दोषारोप पत्र में न्यायाधीश ने सबूत तथा गवाहों के बयान को ग्राह्य मानते  हुए आरोपी को 7 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई. आरोपी योगेश ज्ञानेश्वर लायडे है.

न्यायालयीन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अकोट पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले ग्राम में आरोपी योगेश ज्ञानेश्वर लायडे ने 17 दिसंबर 2013 को नाबालिक के घर में प्रवेश कर उसके साथ दुष्कर्म किया. इस मामले में पीडित बालिका के परिजनों द्वारा अकोट पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. जिससे पुलिस ने आरोपी योगेश लायडे के खिलाफ धारा 378 (3) (आई) 450 भादंवि व  3, 4  बालकों के लैगिंक अत्याचार से संरक्षण 2012 के तहत अपराध दर्ज किया था. इस मामले की जांच बी.आर. गावंडे तथा सोनाली गुल्हाने की. मेडिकल रिर्पोट, गवाहों के बयान दर्ज करने के पश्चात पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दोषारोप पत्र न्यायालय में पेश किया.

उक्त मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश सु.वा. चव्हाण के न्यायालय में हुई. सरकार पक्ष की ओर से न्यायालय में 5 गवाहों के बयान पेश किए. पेश किए गए गवाह तथा अधिवक्ताओं की दलीले सुनने के पश्चात न्यायालय ने आरोपी को धारा 376 (2) (आई) तथा बालकों के लैगिंक अधिनियम की धारा 4 पास्को कानून के तहत दोषी मानते हुए 7 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा तथा धारा 450 के तहत आरोप साबित होने पर 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 2 हजार रूपए जुर्माना अदा करने के आदेश जारी किए. जुर्माने की राशि न भरने पर अतिरिक्त 6 माह की सजा भुगतनी होगी. सरकार पक्ष की ओर से अधिवक्ता जयकृष्ण गावंडे ने पैरवी की.

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