Nagpur के कलमेश्वर, सावनेर और काटोल क्षेत्र में एक बड़ी वित्तीय ठगी का मामला सामने आया है। विदर्भ अर्बन मल्टीपल ऑपरेटिव इंडिया निधि लिमिटेड के संचालकों पर 528 निवेशकों से करीब 65.83 लाख रुपये जमा करवाकर फरार होने का आरोप लगा है। मामले में कलमेश्वर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई है।
शिकायत के अनुसार कंपनी ने लोगों को आरडी, एफडी और डेली कलेक्शन योजनाओं में अधिक लाभ का लालच देकर निवेश करवाया। निवेशकों को आरडी पर 8 प्रतिशत और एफडी पर 6 प्रतिशत रिटर्न का भरोसा दिया गया था। तीनों तहसीलों में एजेंट नियुक्त कर बड़ी मात्रा में रकम जमा करवाई गई।
निवेशकों में भारी आक्रोश
जब निवेश अवधि पूरी होने के बाद लोगों ने अपनी जमा राशि वापस मांगी, तब कंपनी संचालकों ने टालमटोल शुरू कर दी और बाद में संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया। इसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में निवेशकों ने पुलिस से शिकायत की।
मामले में कंपनी संचालक सुनील मधुकर बावणे, प्रमोद सोमकुवर और अन्य लोगों पर आर्थिक गबन के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पहले निवेशकों का विश्वास जीता गया और बाद में करोड़ों रुपये निकालकर संचालक फरार हो गए।
जांच में कई बड़े खुलासे
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बैंक के अधिकतर वित्तीय लेन-देन ऑफलाइन तरीके से किए जा रहे थे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया खाते का पूरा नियंत्रण संचालक के पास था और लेन-देन की जानकारी कर्मचारियों तक को नहीं दी जाती थी।
जांच में एजेंटों के माध्यम से लाखों रुपये जमा करवाने की बात भी सामने आई है। इनमें कुछ एजेंटों के जरिए 12 लाख, 9 लाख, 8 लाख और 5 लाख रुपये तक की रकम जमा करवाई गई थी।
पुलिस जांच तेज
घटना सामने आने के बाद सावनेर, कलमेश्वर और काटोल क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी है। निवेशकों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और जमा रकम वापस दिलाने की मांग की है।







