Published On : Mon, Sep 9th, 2019

Video: सैलाब का सितमः वैनगंगा और बाघनदी किनारे के 5 गांव डूबे

मोटर बोट चली, 106 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला

गोंदिया: जिले में जारी मूसलाधार बारिश के चलते हालात बेहद नाजूक हो चले है। भारी बारिश से जहां शहर की अनेक निचली बस्तियों के मकानों में पानी घुस चुका है वहीं नदी-नाले व प्रमुख जलाशय ओवरफ्लो होकर बह रहे है।

मध्य प्रदेश के छपारा तहसील स्थित संजय सरोवर बांध भारी वर्षा के कारण लबालब भर गया है, लिहाजा 8 सित. को संजय सरोवर बांध के 6 गेट 1.85 मीटर (6 फिट) उंचाई तक खोलकर हजारो क्यूसिक्स पानी की निकासी की गई है।

संजय सरोवर बांध से छोड़ा गया पानी आज सोमवार 9 सित. के सुबह महाराष्ट्र- मध्यप्रदेश के सीमा पर स्थित रजेगांव के बाघनदी में पहुंचा, जिससे कोरनी घाट के छोटे पूल पर 6 फूट ऊपर तक बाघनदी बह रही है।

नदी का जलस्तर बढ़ जाने से इसके आस-पास बसे ग्राम कासा, ब्राम्हणटोला, पुजारीटोला यह तीन गांव पानी से घिर चुके है। गांव में बाढ़ आ जाने की वजह से इन तीनों गांवो का संपर्क शहर से कट चुका है। आज सुबह से ही इन गावों का परिवहन बंद है और मोबाइल टॉवर भी काम नहीं कर रहे है।

रेतीघाट पर काम कर रहे मजदूर बाढ़ में फंसे
गोंदिया के आपदा प्रबंधन विभाग अधिकारी राजन चौबे ने जानकारी देते बताया कि, बाघनदी में उफान आ जाने की वजह से उसका पानी गोंदिया तहसील के ग्राम डांगुर्ली और किन्ही तक पहुंच गया है और इन गांव के रास्ते बंद हो गए है।

चारों ओर पानी से घिर चुके ग्राम किन्हीं में रेतीघाट पर काम कर रहे 4 लोग- दिपकसिंग गौर (रा. हरिमपुर उ.प्र), संदीप यादव (रा. दरिया उ.प्र), सुनिल सिंग चौहान (रा. बरेली) तथा रूहमसिंग सैनी (रा. मुरदाबाद उ.प्र) उक्त सभी बाढ़ में फंस गए। जानकारी मिलते ही तत्काल जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबधन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू चलाकर मोटर बोट द्वारा उक्त सभी चारों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया।

कलेक्टर ने ली आपातकालीन बैठक
गोंदिया जिलाधिकारी डॉ. कांदबरी बलकवड़े ने गोंदिया व तिरोड़ा तहसील के वैनगंगा नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति हो जाने पर आपातकालीन बैठक बुलायी और ढिवरटोली में रेस्क्यू करते हुए नागरिकों को सुरक्षित अन्य स्थानों पर आश्रय देने के निर्देश दिए। इस दौरान तिरोड़ा तहसील के किंडगीपार स्थित ढिवरटोली गांव में चारों और पानी घुस जाने से उसका संपर्क टूटा गया जिसपर तत्काल 25 परिवारों के लगभग 50 से 60 लोगों को राहत कार्य चलाकर सुरक्षित रूप से उन्हें निकाल लिया गया। इस तरह वैनगंगा नदी किनारे बसे 106 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें लक्ष्मणराव मानकर आदिवासी आश्रमशाला गोंडमोहाड़ी में राहत शिविर में रखा गया है और जहां बाढ़ ग्र्रस्तों के भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है और उन्हें राहत सेवा पहुंचायी जा रही है।

जिलाधिकारी डॉ. कांदबरी बलकवड़े ने गणेश विसर्जन को ध्यान में रखते हुए आम जनता से अपील की है कि, वे उफनती नदी, नालों तथा तालाबों से दूरी बनाए रखें क्योंकि बारिश के मौसम में एैसे स्थानों पर हादसों की संभावनाएं बढ़ जाती है इसलिए नागरिक अपनी सुरक्षा का ख्याल रखें।

रवि आर्य