Published On : Thu, May 7th, 2015

अमरावती : 4 बड़े व्यापारियों को 65 लाख का जुर्माना

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एएमसी में डेस जजमेंट असेसमेंट

निगमायुक्त गुडेवार ने साफ कर दिया कि यह तो एक झांकी है. पिक्चर अभी बाकी है. प्राप्त अधिकारों के तहत मनपा के हित में इससे भी अधिक कड़े निर्णय लिये जाएंगे.

6 Chadrakant Gudevar
अमरावती। लोकल बाडी टैक्स (एलबीटी) से राजस्व वसूली बढ़ाने के लिये निगमायुक्त चंद्रकांत गुडेवार ने बुधवार को शहर के 4 बड़े व्यापारियों को 65 लाख का जुर्माना ठोका. आयुक्त के अनुसार एलबीटी नहीं भरे जाने पर डेस जजमेंट असेसमेंट के तहत यह कार्रवाई की है. अमरावती महानगरपालिका प्रशासन व्दारा इस सख्त नियम के तहत कार्रवाई करने का यह पहला मौका है. जिससे एलबीटी नहीं भरने वाले व्यापारी सहम उठे है.

पूर्व मंत्री के परिजन को 33 लाख का दंड
4 बड़े व्यापारियों के खिलाफ निगमायुक्त व्दारा की गई इस जुर्माने की कार्रवाई में पूर्व पालकमंत्री के परिजन की गोपाल इंडस्ट्रीज का भी नाम शामिल है. जिससे शहर की राजनीति में तहलका मचा है. प्रशासन के अनुसार इतवारा के अजंता स्टील को 10 लाख, सराफा के गौरव सेल-2.50 लाख, बडनेरा के अलमास स्टील को 22 लाख रुपये और चित्रा चौक के गोपाल इंडस्ट्रीज को सर्वाधिक 33 लाख रुपये का दंड ठोका है.

कर दिया सचेत
एलबीटी भरने में आनाकानी करने वाले इन व्यापारियों के सिर पर राजनीतिक आकाओं का हाथ होने से अब तक  कार्रवाई से बच रहे थे, लेकिन आयुक्त ने टैक्स न भरने वालों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई करते हुए अन्य व्यापारियों को भी सचेत कर दिया है.

20 तक नहीं भरा तो जब्ती
आयुक्त ने इन व्यापारियों को 20 मई तक जुर्माने की राशि भरने के आदेश दिए है. जुर्माना न भरने की स्थिति में दुकानों पर नियम के तहत जब्ती व सील लगाने की कार्रवाई का प्रावधान है.

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क्या है डेस्क जजमेंट असेसमेंट
इसके तहत ठोंकी गई जुर्माने की अनुमानित राशि संबंधितों को भरना अनिवार्य है. इसके बाद ही जांच कर उन पर कितना बकाया कर है. इसका निर्णय लेकर जमा की गई जुर्माने की राशि में से बकाया कर रासि की कटौती की जाएंगी.यह एक तरफा कार्रवाई होती है. मनपा के किसी भी आयुक्त ने इस तरह का निर्णय इससे पहले नहीं लिया है.

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