Published On : Wed, May 12th, 2021

कोल इंडिया में JBCCI के गठन को लेकर हलचल तेज

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– तिवारी INTUC ने 4 मुख्य एवं 4 पर्यायी सदस्यों के नाम भेज दावेदारी ठोकी,WCL के एक मामले को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में एक मुकदमा चल रहा,ऐसे में अगर COAL इंडिया रेड्डी गुट को को प्रतिनिधित्व देती हैं तो ये अदालत की अवमानना होगी

नागपुर : कोयला मजदूरों के 11 वें वेतन समझौते के लिए गठित होने वाली JBCCI को लेकर मजदुर संघठनों सह कोल इंडिया (COAL INDIA) मुख्यालय में इनदिनों हलचल देखी जा रही हैं.खंब ठोक खुद को असली इंटक (INTUC) का दावा करने वाले तिवारी गुट ने सोमवार 10 मई 2021 को अपने 4 मुख्य एवं 4 वैकल्पिक सदस्यों की सूची सह एक पत्र COAL INDIA CHAIRMAN को भेजा।

वहीं दूसरी ओर भारतीय मजदुर संघ का कोल फेडरेशन अखिल भारतीय खदान मजदुर संघ (ABKMS) के महामंत्री सुधीर घूरडे चेयरमैन को पत्र लिख मानकीकरण कमिटी की बैठक बुलाने की मांग की हैं.घूरडे के पत्र ने कोल इंडिया प्रबंधन के अधिकारियों को पशोपेश में डाल दिया।प्रबंधन की मंशा थी कि इंटक के तीनों गुट ( तिवारी,रेड्डी व दुबे गुट) को पत्र लिख आपसी सहमति से प्रतिनिधियों के नाम मांगा जाए लेकिन घूरडे की मांग के कारण प्रबंधन की मंशा धरी की धरी रह गई.

याद रहे कि इंटक के मध्य असली-नकली का मामला वर्षों से शुरू हैं,इसके निराकरण के लिए श्रम मंत्रालय ने तीनों इंटक को आपसी समझौते के तहत एक मंच पर लेन की योजना बनाई थी,इस फॉर्मूले को कोल इंडिया भी अपनाने की तैयारी कर रही थी.

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राष्ट्रीय स्तर की कई कमिटियों में प्रतिनिधित्व के लिए श्रम मंत्रालय द्वारा इंटक के तीनों गुट को पत्र लिख कर आपसी सहमति बनाकर प्रतिनिधियों के नाम मांगने पर विचार जारी हैं.इंटक की उक्त गुटबाजी के कारण मजदुर हितों से जुड़ी राष्ट्रीय स्तर से लेकर कंपनी स्तर की समितियों में फ़िलहाल इंटक का कोई प्रतिनिधि न होने से इंटक के अनुयायी परेशान हैं या फिर क्षुब्ध होकर अन्य यूनियन की ओर आकर्षित हो रहे.

उल्लेखनीय यह हैं कि कोल मंत्रालय ने JBCCI गठित करने की अनुमति COAL INDIA को दे दी हैं.COAL इंडिया चेयरमैन को लिखे पत्र के अनुसार WCL के एक मामले को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में एक मुकदमा चल रहा,ऐसे में अगर COAL इंडिया रेड्डी गुट को को प्रतिनिधित्व देती हैं तो ये अदालत की अवमानना होगी।

सीआईएल चेयरमैन को प्रतिनिधित्व के लिए भेजे नाम
COAL SECTOR में NATIONAL COAL WAGE AGREEMENT-XI एवं इसके तहत गठित होने वाले JBCCI के गठन को लेकर हलचल शुरू हो चुकी है। इंटक के आपसी विवाद और मामला कोर्ट होने के कारण JBCCI-X में इस श्रमिक संगठन का प्रतिनिधित्व नहीं था। क्या इस दफे भी वही स्थिति निर्मित होगी, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।

यहां बताना होगा कि कोयला मंत्रालय ने JBCCI-XI में इंटक को प्रतिनिधित्व देने को लेकर कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखने को कहा है। कोर्ट इंटक के जिस गुट को मान्यता देने के लिए कहेगा, उसी के सदस्य JBCCI में शामिल किए जाएंगे।

इधर, कोयला मंत्रालय का निर्देश जारी होते ही श्रमिक संगठनों में रायशुमारी शुरू हो गई है। इसी बीच इंटक के तिवारी गुट ने COAL INDIA CHAIRMAN को पत्र प्रेषित कर JBCCI-XI के लिए नाम प्रस्तुत किए हैं। तिवारी गुट के राष्ट्रीय महामंत्री के के तिवारी ने CIL CHAIRMAN को लिखे पत्र में कहा है कि असली इंटक वही है। उनका रेड्डी एवं ददई दुबे गुट से कोई नाता नहीं है। JBCCI-XI के लिए चार चदस्यों के नाम भी प्रस्तावित किए हैं, जो इस प्रकार हैं: केके तिवारी, केएन त्रिपाठी, गोपाल नारायण सिंह, आदित्य नारायण मिश्रा। वैकल्पिक सदस्य के रूप में आबिद हुसैन, डा. संतोष कुमार, कमलेश शर्मा, देवाशीष दत्ता का नाम प्रस्तुत किया गया है।

खासकर कोल सेक्टर में इंटक के तीन गुट काम रहे हैं। एक रेड्डी गुट, दूसरा ददई दुबे गुट एवं तीसरा तिवारी गुट। तीनों ही गुट अपने आप को असली इंटक होने का दावा करते हैं। इंटक की गुटबाजी की वजह से ही कांग्रेस का यह श्रमिक संगठन कोल इंडिया तथा अनुषांगिक कंपनियों की महत्वपूर्ण समितियों से किनारे है।

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