Published On : Wed, Apr 22nd, 2015

यवतमाल न.प. से सटे तीन ग्राम पंचायतों ने किया विरोध


सिमावृध्दी पर मांगी गई थी राय, 1 मई को हो सकता है ऐलान

Yawatmal Nagar parishad
यवतमाल। यवतमाल नगर पालिका को मनपा बनाने के लिए सिमावृध्दी की कवायद तेज हो गई है. जिससे  यवतमाल नगर परिषद से सटे सभी दस ग्राम पंचायतो को यवतमाल नगर परिषद की सिमा मे  शामिल होने के बारे में उनकी कोई आपत्ती है क्या?  ऐसा पुछा गया था.  जिसके जबाब में उनसे राय मांगी गई थी.  10 में से 3 ग्राम पंचायतों ने इस सीमावृध्दी को उनका जबरदस्त विरोध किया है, ऐसा जबाब  देकर उनकी गेंद नगर परिषद के पाले में फेक दी है. गोदनी, भोसा और डोर्ली  इन तीन ग्राम पंचायतों ने  यवतमाल नगर परिषद की सीमा मे शामिल होने से  इंकार कर दिया है. तो  उमरसरा, वडगाव, वाघापूर,  पिपलगाव, लोहारा, डोलंबा और मोहा इन सात ग्राम पंचायतो ने सीमावृध्दी मे उनकी ग्राम पंचायते शामिल कर लेने मे उन्हे कोई आपत्ती नहीं ऐसा सकारा मक जबाब दिया था.  जिसके चलते १ मई २०१५ को  यवतमाल नगर परिषद की सीमावृध्दी का ऐलान हों सकता है ऐसी जानकारी यवतमाल में पहुंची है. मगर इन तीन ग्राम पंचायतो को जबरदस्त विरोध होने से उसपर या कदम उठाया जाता है इस ओर सभी की नजरे लगी हुई है.

सीमावृद्धि हुई तो होगा विकास
यवतमाल नगर पालिका के चारों ओर 10 ग्राम पंचायतें सटी हुई है. शहर विकास की तुलना में ग्रामपंचायतों का विकास न के बराबर है. इसलिए नगर परिषद में यह ग्रामपंचायते जाती है तो उसके क्षेत्र का भी  विकास बराबर हो जाएगा. 25 अप्रैल तक सभी ग्रामपंचायतों को सीमावृद्धि में शामिल होने पर उनकी क्या आपत्तियां है, इसका जवाब मांगा गया है. डोर्ली ग्रामपंचायत में बाईपास के दूसरी ओर पोड  (आदिवासियों की रहने की जगह) का मुद्दा उठाया है. उसी प्रकार इस गाव के वोटरोंं की संख्या 1450 है. जिसके कारण कोई प्रतिनिधि नगर परिषद में चुनकर नहीं जा सकता. ऐसे में उनकी समस्या रखनेवाला  नगर परिषद में कोई नहीं होगा, ऐसा भी बताया गया है. करकडोह, उकंडा पोड जैसे आदिवासियों के पोड़ यहां पर है.

सीमावृद्धि हुई तो लोगों पर पड़ेंगी टैक्स की चोट
सीमावृद्धि होते ही ग्रामपंचायत क्षेत्र में रहनेवाले लोगों का संपत्ति टैक्स 4 गुना बढ़ जाएंगा. जिससे लोगों के जेबों पर भारी चोट पहुंचनेवाली है, ऐसे में ग्रामपंचायतों के अलावा इन 10 ग्रामपंचायतों के निवासियों  का भी जबरदस्त विरोध हों सकता है. इसलिए यह बात भी नगर पालिका प्रशासन को ध्यान में रखना जरूरी है.