Published On : Sat, Jul 18th, 2020

200 Unit बिजली बिल माफ़ करने के लिए आम आदमी पार्टी का आंदोलन 

नागपुर- 200 यूनिट बिजली बिल माफ़ करने की मांग को लेकर शहर में सविंधान चौक पर आम आदमी पार्टी की ओर से राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया, इस दौरान सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता, पदाधिकारी और शहर के नागरिक मौजूद थे. इस दौरान बिजली बिल भी जलायें गए. इनका कहना था की कोविड-19 की महामारी के दौर में राज्य के उद्योग, व्यापार, बाजार पूरी तरह से बंद है, इसके कारण व्यापारी, कामगार, किसान, फुटपाथ पर बैठकर अपना घर चलानेवाले लोगों पर संकट आ चूका है. नागरिकों के बिजली बिल माफ़ करने की मांग को लेकर 3  जून को जिलाधिकारी को निवेदन दिया गया था. लेकिन अब तक क्या हुआ इसपर खुलासा नहीं किया गया. जिसके कारण आंदोलन किया गया.

आज पदाधिकारियों की ओर से जिलाधिकारी के मार्फ़त मुख्यमंत्री से निवेदन किया गया कि मार्च, अप्रैल, मई और जून महीने का जिनका उपयोग 200 यूनिट है, उनको केजरीवाल सरकार की तर्ज पर मुफ्त किया जाए और बाकी जनता का बिल माफ़ किया जाए. संविधान चौक से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक मोर्चा भी निकाला गया. इसके साथ ही यह भी मांग की गई की चुनाव से पहले 300 यूनिट उपयोग होने पर 30 परसेंट कम किया जाएगा, ऐसा आश्वासन शिवसेना की ओर से दिया गया था, इसके लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जनता के सामने घोषणा करनी चाहिए, ये मांग भी की गई है.

इनका कहना है की एक तरफ आम लोगों पर भुखमरी की नौबत आ गई है, तो दूसरी तरफ  MSEB अनाप शानप बिजली बिल लोगों को बढाकर दे रही है. इतना बिजली का बिल भेजना नागरिकों को मानसिक और शारीरिक समस्या देने जैसा है.

आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष जगजीत सिंग ने कहा की ऊर्जामंत्री कितना भी कहते होंगे की वे साहूकार नहीं , सरकार है, लेकिन MSEB की ओर से हजारों रुपए के बिजली के बिल भेजना, यह जनता की लूट और जनता को बिल न भरने के लिए प्रोत्साहित करनेवाली है.

इन्होने सरकार से मांग की है की कोविड-19 के दौरान मार्च से लेकर जून महीने का 200 यूनिट बिजली का बिल माफ़ करने की घोषणा की जाए, 300 यूनिट के उपयोग वालों को 30 प्रतिशत का बिल उनका कम किया जाए, MSEB द्वारा 1 अप्रैल से बिजली के जो दर बढाए गए है, उसे रद्द किया जाए, राज्य सरकार द्वारा 16 प्रतिशत का अधिभार रद्द किया जाए, बिजली कंपनियों का CAG ऑडिट किया जाए, कोविड-19 में भेजे गए बिजली के बिल को रद्द किया जाए.

आप के विधान राज्य समिति सदस्य  देवेंद्र वानखेड़े ने मांग की है की पिछले वर्ष के इसी समय के जो बिल आए थे, वैसे ही महीने के हिसाब से सुधारित दरों के हिसाब से बिजली बिल दिए जाए, नहीं तो जनता में जो ज्यादा बिजली का बिल भेजे जाने का रोष है, उसके कारण जनता सड़क पर उतर सकती है

इस प्रदर्शन में नॉर्थ नागपूर से रोशन डोंगरे, राकेश अंबोडे, प्रणय गनविर, सुहेल गानविर, किशन डोंगरे, सुशांत बरकार, प्रांजल बागडे, शशांक बालकाल, हर्षा रामटेके, शालन संडे, राकेश खोबरागडे, राकेश अंबोडे, शेक बलकर, मंडे टेंभाने, तुषार पाटील, रींकी घोडेस्वार, शाहरुख शेख, धीरज धुपारे, सेंटर नागपुर से ल. जी दांडेकर, पिंकी बापारो, वर्षा जोगे, आशा पाटील, सुहागाबाई शेंद्रे, रेखाकांत सोनवणे, सुरेंद्र बरगाडे, सबिना सहिना अंजम, शेख शाहिद, लहनू उमरेडकर, सुखदेव डूहालकर, रिजवान बेग, कृताल वेलेकर, विनोद गोर, अब्दुल हाफिज, दीपक भातखारे, चंद्रकुमार मुंडेकर, हिरालाल सातपुते, प्रेमलाल खोटे, वेस्ट नागपूर हेमंत बंसोड, अल्का पोपटकर, आकाश कावडे, प्रकाश बोपचे, म जे काजी, समीध खान, रीना वाहेकर, शुभास सहारे, शोभा यालार, हेमा यकर सरिता गोडाने, राजेंद्र लठ्ठेवार, राजेश याकर, गोविंद तालेवार, साउथ नागपूर से एस. ए. जाफरी, उमाकांत बनसोड, राजू देशमुख, संजय जिवतोडे, अंबरीश सावरकर, सुभाष लोहे, संजय अनासाने, निखिल गुजर, सुरेंद्र बरगाडे, देवेंद्र वानखेडे, साऊथ वेस्ट नागपूर से प्रमोद नाईक, एस टी रायपुरे, प्रशांत निलाटकर, विनोद आलमदोहकर, अजय धर्मे, चमन बमनेले, राजेश इंगले, सुरेश खर्चे, मनीषा भोयार, ललित भोयार, विक्रम रोहणकर, राकेश वाहने, रिता मेश्राम, अशोक मिष्रा, अमोल हाडके, विजय राजपुरे, पुष्पा धालारे, हर्षा रामटेके, सुनिता नखाटे, रोहित कडू, छाया कडू, सोनू ठाकूर, कुणाल देशप्रधा, बलदेव गुलाटीया,निलेश पंधागडे, कातिजा शेख रज्जा, लालदाश गजभिये, विमला खरे, सहिनिशा ततफरी, तारा भावदाश , नतिर अली, छाया श्रिवास, रुक्मिणी यादव, लक्ष्‍मी यादव, चैताबाई नेताम मौजूद थे.पदाधिकारीयो में  भूषण ढाकुलकर, शंकर इंगोले, जगजित सिंग, शालीनी अरोरा, कविता शिंघल, राजेश तिवारी, देवेंद्र वानखेडे, अशोक मिश्रा प्रमुखता से मौजूद रहे.