Published On : Thu, Sep 3rd, 2020

3 महीने बाद भी नहीं मिल रही Electricity Bill में 20 से 30 प्रतिशत की रियायत

क्या सरकार लोगों को दे रही है धोखा

नागपुर– Covid-19 के चलते देश में मार्च से लॉकडाउन किया गया था. जब जून महीने का बिजली का बिल ( Electricity Bill ) आया तो नागपुर शहर के नागरिकों में हाहाकार मच गया. नागरिकों को हजारों रुपए के बिजली के बिल ( Electricity Bill ) भेजे गए. जून महीने से ही विभिन्न राजनैतिक पार्टियों की ओर से विदर्भ के नागरिकों के बिजली बिल माफ़ करने की मांग की जा रही थी. भाजपा की ओर से भी , आम आदमी पार्टी और बिजली बिल के लिए पिछली सरकार में भी लड़नेवाली विदर्भ राज्य आंदोलन समिति बिजली बिल माफ़ करने को लेकर लगातार आंदोलन कर रही है. लेकिन महाआघाडी सरकार के कानों में जू तक नहीं रेंग रही है.

राज्य सरकार की ओर से बिजली बिल कम करने या माफ़ करने की बढ़ती मांग के कारण पिछले दिनों ऊर्जामंत्री डॉ. नितिन राऊत ( Dr. Nitin Raut ) ने कहा था की 20 से 30 प्रतिशत की बिजली के बिलों में राहत मिल सकती है. लेकिन पिछले 3 महीनों से किसी भी तरह की राहत शहर के लाखों ग्राहकों को नहीं मिली है. सरकार की ओर से केवल शहर के नागरिकों को आश्वासन दिए जा रहे है. जानकारी के अनुसार ऊर्जामंत्री बिजली ( Electricity Bill ) के बिलों में राहत देने के लिए मुंबई स्तर पर बैठक कर रहे है, और वे इसके पक्ष में है, लेकिन राज्य के वित्तमंत्री इस राहत के खिलाफ है.

Covid-19 से किए गए लॉकडाउन के कारण शहर के हजारों लोग बेरोजगार हो चुके है, कई नागरिकों को लॉकडाउन खुलने के बाद अब भी घर चलाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. जिसमें बिजली ( Electricity Bill ) के बिलों ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी है. कई नागरिकों ने बिजली ( Electricity Bill ) के बिल भर दिए है. लेकिन कई नागरिक अब भी 20 से 30 प्रतिशत या फिर बिजली बिल माफ़ करने की उम्मीद सरकार से लगाए बैठे है. लेकिन 3 महीने के बाद भी सरकार बिजली बिल में कटौती नहीं कर सकी है.

बिजली के बिल ( Electricity Bill ) के संदर्भ में विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के संयोजक राम नेवले ने ‘ नागपुर टुडे ‘ ( Nagpur Today ) को जानकारी देते हुए कहा की पिछले 3 महीनों से केवल आश्वासन ही दिए जा रहे है. लेकिन अब तक बिजली के बिल ( Electricity Bill ) माफ़ नहीं किए गए है. उन्होंने कहा की यह मुंबई-पुणे की सरकार है, इन्हे विदर्भ के नागरिकों से कुछ सरोकार नहीं है. उन्होंने कहा की हम बिजली के बिल ( Electricity Bill ) माफ़ करने की लगातार मांग कर रहे है और 20 से 30 प्रतिशत की रियायत हमें मंजूर नहीं है. विदर्भ की जनता का सम्पूर्ण बिजली का बिल माफ़ किया जाना चाहिए, अन्यथा वे बिल नहीं भरेंगे.