Published On : Sat, May 10th, 2014

अर्जुनी मोरगांव: बिना पूर्व अनुमति के काट लिए सागवान क़े 49 पेड़

Advertisement

ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं  

Treeअर्जुनी मोरगांव.

अर्जुनी मोरगांव तालुका और जिले के अंतिम छोर पर स्थित गोठनगांव वनपरिक्षेत्र को अतिसंवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. इसी वनपरिक्षेत्र के तिरखुरी क्षेत्र के भरनोली – बोरटोला नाले के पास एक ठेकेदार ने बिना किसी सरकारी मंजूरी के सागवान के 49 पेड़ काट लिए. इतना ही नहीं ये पेड़ एक किसान के खेत में होने के कारण उसे महज 1लाख 10 हजार रुपए दिए गए, जबकि खुले बाजार में इनकी कीमत कई लाख बताई जाती है.

Gold Rate
21 Jan 2026
Gold 24 KT ₹ 1,56,800/-
Gold 22 KT ₹ 1,45,800 /-
Silver/Kg ₹ 3,26,100 /-
Platinum ₹ 60,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

वृक्षों को काटने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है. केवल माल की जब्ती दिखाकर छोड़ दिया गया है. ठेकेदार अभी भी खुले में घूम रहा है. किसी साधारण किसान या ग्रामीण के बिना अनुमति जंगल से थोड़ी सी लकङी भी तोड़ने पर उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने वाला वन विभाग ठेकेदार पर आखिर इतना मेहरबान क्यों है ?

अधिकारी से सांठगांठ 

बताया जाता है कि देवरी के अग्रवाल नामक ठेकेदार ने भरनोली क़े केवलराम कोरामी क़े खेेेेत के सागवान के पेड़ 1 लाख 10 हजार में खरीद लिए, जबकि बाजार में इनकी कीमत बहुत अधिक बताई जाती है. सागवान के ये पेड़ नाले के पूर्वी क्षेत्र में होने के कारण बिना कोई अनुमति लिए और अधिकारियों से सांठगांठ कर काट डाले गए. पेड़ तोड़ने के 5 से 7 दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई.

Tree-1

सूचना के अधिकार में मांगी जानकारी 

लेकिन, सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से वन विभाग की नींद उड़ गई और मजबूरन उसे ठेकेदार पर कार्रवाई करनी पड़ी. जानकारी में बताया गया कि 21 फ़रवरी 2014 को संबंधित अधिकारी ने तोड़े गए सागवान की लकङी का पंचनामा कर माल जब्त किया और किसान के सुपुर्द कर दिया. 49 पेड़ों से काटा गया पूरा माल 153 नग और 8.365 घनमीटर था.

क्या है नियम 

सरकारी नियमानुसार नाले पर स्थित पेड़ सरकारी संपत्ति होते हैं और उनको तोड़ने की अनुमति वन विभाग की ओर से नहीं दी जाती. इसलिए वन विभाण को क़ायदे से माल ज़ब्त कर अपने पास् ही रखना चाहिए था. साथ ही तोड़ने वाले के ख़िलाफ फौजदारी कार्रवाई भी करनी चाहिए थी. मगर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया गया.

बताया जाता है कि इसी ठेकेदार ने उमरपाई के मरघट शासकीय जगह के झाड़ भी काट डाले थे, मगर उसके खिलाफ कोइ कार्रवाई नहीं की गई थी.

 

GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Advertisement
Advertisement