Published On : Fri, Sep 4th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

किसानों के दस्तावेज हथियाकर 73.82 करोड़ का कृषि कर्ज घोटाला

सरकारी मदद का झांसा देकर आधार-पैन और 7/12 लिए; फर्जी वेयरहाउस लाइसेंस से एसबीआई में करोड़ों का खेल, अंतरराज्यीय गिरोह का आरोपी गिरफ्तार
Advertisement

किसानों के दस्तावेज हथियाकर 73.82 करोड़ का कृषि कर्ज घोटाला

नागपुर टुडे – किसानों को सरकारी योजना के तहत हर साल 10 हजार रुपए की आर्थिक मदद दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और 7/12 दस्तावेज हासिल किए गए। इसके बाद इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम पर भारतीय स्टेट बैंक से करोड़ों रुपए का कृषि कर्ज उठा लिया गया। फर्जी कंपनियों, दस्तावेजों और वेयरहाउस लाइसेंस के जरिए किए गए इस बड़े घोटाले में नागपुर ग्रामीण पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने अंतरराज्यीय गिरोह के एक आरोपी को नागपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सचिन खुशाल कारेमोरे (40), निवासी नेरी, तहसील मोहाड़ी, जिला भंडारा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले कई महीनों से गिरफ्तारी से बच रहा था। हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा उसका गिरफ्तारी पूर्व जमानत आवेदन खारिज किए जाने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी।

Gold Rate
Aug 27 ,2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 60,000 /-
Gold 22 KT ₹ 1,48,500 /-
Silver/Kg ₹ 2,41,500/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

मदद के नाम पर दस्तावेज लिए, फिर किसानों को ही बना दिया कर्जदार
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से गरीब, अशिक्षित और अल्पशिक्षित किसानों को निशाना बनाते थे। आरोपियों द्वारा किसानों को बताया जाता था कि फसल नुकसान की सरकारी भरपाई के रूप में उन्हें हर साल 10 हजार रुपए मिलेंगे। इसके लिए एसबीआई में बैंक खाता खुलवाना जरूरी बताया जाता था।

इसी बहाने किसानों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और 7/12 उतारे लिए जाते थे। इसके बाद उन्हें बैंक ले जाकर अंग्रेजी भाषा में तैयार विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए जाते थे। किसानों को दस्तावेजों की वास्तविक जानकारी नहीं दी जाती थी। आरोप है कि बाद में इन्हीं कागजात का इस्तेमाल उनके नाम पर लाखों-करोड़ों रुपए का कृषि कर्ज हासिल करने के लिए किया गया।

Advertisement

मौदा और रामटेक शाखाओं से निकाले 73.82 करोड़
पुलिस जांच के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में एसबीआई की मौदा शाखा से 54 करोड़ 69 लाख 42 हजार 850 रुपए तथा रामटेक शाखा से 19 करोड़ 13 लाख 50 हजार रुपए का कृषि कर्ज किसानों के नाम पर उठाया गया।

दोनों मामलों को मिलाकर कर्ज की कुल रकम 73 करोड़ 82 लाख 92 हजार 850 रुपए बताई गई है। इतनी बड़ी रकम किसानों के नाम पर उठाए जाने से बैंकिंग व्यवस्था और दस्तावेजों के दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

फर्जी वेयरहाउस लाइसेंस से बनाया कर्ज लेने का रास्ता
जांच में इस पूरे मामले के तार अंतरराज्यीय स्तर तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य दिल्ली स्थित केंद्रीय प्राधिकरण वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी के कथित फर्जी वेयरहाउस लाइसेंस हासिल करते थे।

इन लाइसेंस के आधार पर एसबीआई में कथित तौर पर फर्जी इलेक्ट्रॉनिक निगोशिएबल वेयरहाउस रिसीट गिरवी रखी जाती थीं। इसके बाद ‘प्रोड्यूस मार्केटिंग लोन’ योजना के तहत किसानों के नाम पर करोड़ों रुपए का कर्ज उठाया जाता था।

कई राज्यों तक फैले हैं गिरोह के तार
पुलिस की प्रारंभिक जांच में गिरोह से जुड़े कई आरोपियों के अलग-अलग राज्यों से होने की जानकारी सामने आई है। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि मामला केवल नागपुर या महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। आर्थिक अपराध शाखा अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर फर्जी कंपनियों, दस्तावेजों, वेयरहाउस लाइसेंस और बैंक कर्ज से जुड़े इस नेटवर्क के बारे में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

धान घोटाले के मामलों में भी आरोपी का नाम
गिरफ्तार आरोपी सचिन कारेमोरे के खिलाफ इससे पहले भंडारा, गड़चिरोली और अहेरी में धान घोटाले से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। इसी वजह से पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा कृषि कर्ज घोटाले के बीच संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के और आर्थिक अपराध शाखा की पुलिस उपअधीक्षक पूजा गायकवाड़ के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक योगेश कामाले तथा उनकी टीम ने की। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और करोड़ों रुपए के लेन-देन से जुड़े सुराग जुटा रही है।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges

Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.