Published On : Wed, Jun 18th, 2014

सावनेर : पत्नी और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना बनी खुदकुशी का कारण


मृतक के पिता का आरोप

पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार, जांच और कार्रवाई की मांग की

सावनेर

dharmraj panpatte धर्मराज रमेश पाणपत्ते के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की आत्महत्या के लिए उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग ही जिम्मेदार हैं. ब्रम्हपुरी निवासी 27 वर्षीय युवक धर्मराज ने 22 मई को जहर पीकर आत्महत्या कर ली थी. रमेश पाणपत्ते ने नागपुर जिले के पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर न्याय देने की मांग की है.

एक पत्र परिषद में उन्होंने बताया कि धर्मराज के ससुराल वाले उससे लगातार पैसों की मांग करते थे और उसके लिए उसे प्रताड़ित भी किया जाता था. पिछले साल पहली मई को धर्मराज की शादी पूरे रीतिरिवाज से अंकिता के साथ हुई थी. शहर में पली-बढ़ी अंकिता जब ब्रम्हपुरी जैसे गांव में रहने पर आनाकानी करने लगी तो धर्मराज उसे लेकर कुछ समय तक नागपुर और बाद में कलमेश्वर में रहा. पेशे से ड्रायवर धर्मराज के परिवार में बाद में ससुराल पक्ष का दखल बढ़ गया. उसके सास, ससुर, साला और पत्नी उसे प्रताड़ित करने लगे. नागपुर में रहने के दौरान प्रताड़ना से तंग आकर धर्मराज ने जहर पीकर जान देने की असफल कोशिश भी की थी.

थाने में ही दी थी धमकी
रमेश पाणपत्ते ने बताया कि धर्मराज ने 6 मई 2014 को कलमेश्वर पुलिस थाने में ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित करने, मारपीट करने और एक लाख रुपए के लिए दबाव बनाने की पहले मौखिक और बाद में लिखित शिकायत की थी. उस वक्त थाने में ही ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी. मगर पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया और आखिर तंग आकर धर्मराज ने 22 मई को अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.

न कार्रवाई हुई, न प्रताड़ना थमी
6 मई को कलमेश्वर पुलिस को की गई लिखित शिकायत की प्रति उचित कार्रवाई के लिए सावनेर के पुलिस उपविभागीय अधिकारी को भी दी गई थी. कोई कार्रवाई नहीं होने पर 8 मई 2014 को फिर त्रास दिए जाने पर पाटनसावंगी पुलिस चौकी में पत्नी अंकिता, सास इंदिरा थेटे, ससुर कैलाश थेटे, साले राहुल थेटे, राधा थेटे, ज्ञानेश्वर दिलीप गिरे, उषा वानखेड़े और अन्य के खिलाफ शिकायत की थी. फिर भी न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ससुराल पक्ष से होने वाली प्रताड़ना में कोई कमी आई.

जांच और कार्रवाई की मांग
मृतक के पिता रमेश पाणपत्ते ने बताया कि अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो आज उसका बेटा जीवित होता. धर्मराज कलमेश्वर के एक नेता की गाड़ी चलाता था. रमेश पाणपत्ते ने 7 जून को नागपुर के पुलिस अधीक्षक को एक पत्र देकर पूरे मामले की जांच करने और कार्रवाई नहीं करने वाले पुलिस कर्मियों तथा धर्मराज के ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.