Published On : Fri, Jul 18th, 2014

बुलढाणा : ‘मास्वे’ का मुख्यमंत्री के गृह जिले में 21 से बेमुद्दत अनशन


प्रलंबित मांगों के लिए ताल ठोकेंगे शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी


बुलढाणा

राज्य के सामाजिक न्याय विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले समाज कार्य महाविद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की प्रलंबित मांगों के समर्थन में महाराष्ट्र एसोसिएशन आॅफ सोशल वर्क (मास्वे) 21 जुलाई से मुख्यमंत्री के जिले सातारा में बेमुद्दत अनशन करेगा.

सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत राज्य में कुल 56 समाज कार्य महाविद्यालय संचालित हैं. इनकी अनेक मांगे प्रलंबित हैं और सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है. शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी देने के संदर्भ में मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद राज्य सरकार इसका लाभ इन कर्मचारियों को नहीं दे रही है. जिन मांगों को लेकर अनशन किया जाएगा उनमें अदालत का आदेश लागू करने के अलावा समाज कार्य महाविद्यालयों के ग्रंथपालों को छठा वेतन आयोग लागू करने, कर्मचारियों का वेतन प्रतिमाह, नियमित और समय पर देने, शिक्षकेतर कर्मचारियों को 1 जनवरी 2006 से 31 जनवरी 2010 की कालावधि का बकाया देने, ग्रंथालय और छात्रावास अधीक्षकों की वेतन श्रेणी में सुधार करने, महाविद्यालयीन कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए आयुक्तालय की मान्यता की शर्त रद्द करने और शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष करने की मांग शामिल हैं.

संगठन के अध्यक्ष प्रा. अंबादास मोहिते, प्रा. एच. टी. साखरे, प्रा. अवचार, प्रा. गायकवाड़, प्रा. बोकड़े, प्रा. दीक्षित, प्रा. पिंगले और प्रा. सावले ने समाज कार्य महाविद्यालयों के कर्मचारियों से भारी संख्या में इस आंदोलन में हिस्सा लेने की अपील की है.

Representational Pic

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