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    Published On : Thu, May 8th, 2014
    Vidarbha Today | By Nagpur Today Vidarbha Today

    चिमुर : हवाओं का रुख मोड़ दिया कृष्णा ने


    तकनीक और लगन से बोई शिमला मिरची

    चिमुर

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    आसमानी और सुल्तानी संकट का सामना कर रहे विदर्भ के किसानों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. किसानों के सामने आत्महत्या तक की नौबत आ गई है. लेकिन कुछ किसान विपरीत परिस्थितियों में भी कोई न कोई मार्ग निकाल ही रहे हैं. ऐसा ही मार्ग निकाला है तालुका के किसान कृष्णा तपासे ने, जो तालुका में पहली बार शिमला मिरची का उत्पादन करने वाले किसान बन गए हैं. पिछली दफा एक किसान ने रिकॉर्ड प्याज का उत्पादन किया था.

    विदर्भ के किसान सामान्य तौर पर धान, कपास, सोयाबीन की फसल लेते हैं. अधिकांश किसान प्रकृति पर निर्भर होते हैं. पिछले कुछ सालों मे विदर्भ के मौसम में आए बदलाव का असर फसलों पर भी पड़ा है. कृष्णा तपासे भी बाकी किसानों की तरह ही धान, सोयाबीन और गेहूं उगाता था. इस बार उसने कुछ हटकर करने की सोची और शिमला मिरची की बोआई की. खेत की तैयारी पर ही 2 लाख 30 हजार रुपए खर्च हो गए. 3 लाख बैंक से कर्ज लिया. कृषि विभाग ने भी उसका हौसला बढ़ाते हुए उसे 1लाख 30 हजार रुपए का अनुदान दिया. कृष्णा जी-जान से भिड़ गया. और परिणाम उसके सामने है. शिमला मिरची की फसल साल में 8 माह ली जा सकती है. वह 3 महीने में दो फसल ले चुका है. कृष्णा तपासे ने शिमला मिरची के उत्पादन का प्रशिक्षण राहुरी विद्यापीठ में लिया था. कृष्णा की सभी जगह तारीफ की जा रही है.


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