Published On : Mon, Apr 7th, 2014

चंद्रपुर आरटीओ का सहायक निरीक्षक रिश्वत लेते रंगेहाथों धरा गया

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साथ में दो दलाल भी गिरफ्तार, मांगी थी 4 हजार की रिश्वत 

Raidचंद्रपुर.

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स्थानीय उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के सहायक निरीक्षक विलास विष्णुपंत अहेर को आज दोपहर एक ड्राइविंग स्कूल के संचालक से 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ लिया गया. कार्रवाई वर्धा के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एसीबी) ने की. पूरे जिले में हड़कंप मचानेवाली इस कार्रवाई में अहेर के साथ ही दलाली करनेवाले दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. दलालों के नाम देवानंद गोंगले (35) नेहरूनगर और वनराज नवाड़े बाबूपेठ बताए गए हैं.

वैसे भी चंद्रपुर का आरटीओ हमेशा ही चर्चा का विषय बना रहता है. बिना पैसे के यहां कोई काम नहीं होता. प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंडवाना ड्राइविंग स्कूल के संचालक प्रदीप गेडाम को अपने ड्राइविंग स्कूल के 80 विद्यार्थियों का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना था. इसके लिए उन्होंने सारे जरूरी कागजात भी आरटीओ में जमा करा दिए थे. बावजूद इसके अहेर 50 रुपए प्रति लाइसेंस के हिसाब से गेडाम से रुपयों की मांग कर रहा था. अहेर की मांग से परेशान गेडाम ने इसकी शिकायत नागपुर एसीबी से की.

आखिर मिल गया मौका 

नागपुर एसीबी ने पुलिस निरीक्षक वसंत शिरभाते और सहायक पुलिस अधीक्षक संजय पुरंदरे  के नेतृत्व में कार्रवाई करने का आदेश वर्धा एसीबी को दिया. इसके बाद उप पुलिस अधीक्षक ठोसरे और लोखंडे ने जाल बिछाया. शुक्रवार से ही सारे अधिकारी अहेर का पीछा कर मौके की राह देख रहे थे. आखिर उन्हें आज मौका मिल ही गया और अहेर तथा दोनों दलालों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया.

वर्धा एसीबी के मुताबिक तीनों आरोपियों को वर्धा पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है. उन्हें कल अदालत में पेश किया जाएगा.

फोड़े थे पटाखे 

ऐसी ही कार्रवाई डेढ़ साल पूर्व एक लिपिक के खिलाफ की गई थी. उस समय परिवहन कार्यालय के दलालों ने पटाखे फोड़कर खुशी व्यक्त की थी.

 

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