Published On : Wed, Jun 25th, 2014

गोंदिया : जाग रे मोदी जाग, आग लगी है आग


गोंदिया

Modi
एक दम से लाखों लोगो की मानस में अपने खिलाफ माहौल तैयार कर लेने की गलती भाजपा शासक नरेंद्र मोदी यदि कर लेते है तो जनता आक्रोशित होंगी ही. देश में मोदी के नाम पर कई डमी उम्मीदवारों को चुनकर देनेवाली जनता, मोदी सरकार की आम जनता पर की जाने वाली महंगाई रूपी महरबानी से यदि नाखुश होकर यदि यह कहती है कि जाग रे मोदी जाग हमारे दिल में लगी है आग तो क्या बुरा कहती है. इसकी परिणीती तो अब विधासनसभा चुनाव में देखने को नजर आने ही वाली है. वर्षो तक भारी मेहनत कर शोशल मिडिया के जरिए लोगो के दिलों में स्थान बनाने वाले नरेंद्र मोदी यह बात भुल गए कि, 10 अच्छे कामों पर 1 बुरा काम किस कदर हावी हो जाता है कि लोग अच्छे की परवाह ना कर बुरी बात को ज्यादा अच्छी तरह अपनी यादों में संजोए रखते है. जनता यह मान जाए कि, उससे कितनी बड़ी गलती हो गई तो बस वह तो अपनी गलती सुधारने की मानसिकता तो बना ही लेती है.

लगता है कि भाजपा शासकों ने इतिहास से सबक नही सीखा है. जिन गलतियों को आम जनता के ध्यान में लाकर भाजपा सत्ता के शिखर पर पहुंची है वही गलती भाजपा के कर्णधार भी करने में जुट गए है. जनता की समझ में तो एक ही कारण आ रहा है कि, भाजपा भी सत्ता के नशे में चुर हो गई है और रोजमर्रा की तकलीफें उन्हें नजर नही आ रही है. यदि कुछ संवेदनशील भाजपा सांसद इन गलतियों की याद दिला भी दें तो भी शायद बात बनने वाली नही है. क्योंकि लोगो का यह विचार मायने रखता है कि, मोदी एक डिक्टेटर है और अपने बुते जीतकर आने का घमंड इस कदन उनके दिमाग पर हावी है, कि वे शायद ही किसी की सुने यदि यह बात जनता के मानस में बैठ गई तो जनता भी अपना फैसला सुरक्षित करने से बाज नही आने वाली है. इस बात के जानकार सत्ता के गलियारों में भले ही दबे शब्दों में यह कह रहे हो, कि बुरे दिनों की शुरूआत हो गई है तो आने वाले विधानसभा विधानसभा चुनावों के परिणाम कुछ ऐसे होंगे कि भाजपा का परचम लहलहानें का वाब, वाब ही ना रह जाए.

मुंबइ की लाईफ लाईन कही जाने वाली रेल्वे की मासिक यात्रा पास का किराया एकदम से दोगुना करने की हरकत सत्ता में आई सरकार ने अपने प्रथम फैसले के साथ्ज्ञ अकेले मुंबई के ७५ लाख यात्रियों को निराश करने की गुस्ताखी की है. इस बात का अनुमान एक साधारण व्यक्ति भी लगा रहा है. परंतु सत्ता के नशे में चुर भाजपाई सरकार आम जनता के जेहन में मोदी के खिलाफ माहौल तैयार कर रही है. कांग्रेस के खिलाफ माहौल तैयार होते होते 5 वर्ष बित गए थे, पंरतु भाजपा इस मामले में बाजी मार लेना चाह रही है. आम आदमी की भावना से छडखानी का मतलब कांग्रेस हो या भाजपा दोनों का खात्मा ही होता है यह बात सत्ता में बैठे लोगो की समझ में आ जाए तो ठिक है वरना भाजपा के मालिक तो राम ही है.