Published On : Mon, Jul 21st, 2014

काटोल : संतरा के बगीचे संकट में, मालिक परेशान


काटोल

इंद्रदेवता की कृपा होने से हुई बारिश से किसानों ने संतरों की खरीप फसलों की बुआई 80 प्रतिशत कर ली है. इस बार समय पर मान्सून न आने से किसान बहुत चिंतित थे. इतना ही नहीं किसान इस बात से चिंतित थे की इस बार संतरा के बगीचे में जो कलमें लगाई गई थी उनमें भी बारिश न आने से इस बार फूल नहीं आ पायेंगे. परंतु इस समय बारिश होने से संतरे की कलमों को दोबारा लगाया जा रहा है.

उलेखनीय है कि संतरे के बगीचे को फलने- फूलने के लिए ठंडे वातावरण की आवश्यकता होती है. परंतु इस बार मान्सून के रूठ जाने से किसानों को संतरे की अच्छी फसल की उम्मीद नहीं है. विदर्भ में नागपुर के अतिरिक्त अमरावती जिले में भी संतरे की फसले होती है परंतु इन परिस्थिति में दोनों ही जिले के किसान चिंतित दिखाई दे रहे है. किसानों की सहायता और उनको यथासंभव सहायता देने के लिये कृषि विभाग द्वारा सर्वेक्षण शुरू किया गया है.

इस वर्ष मृग नक्षत्र में हाउ काम बारिश ने किसानों की चिंता बड़ा दी है. संतरे के उत्पादन को लेकर किसान बहुत चिंतित है. इतना ही नहीं विश्वप्रसिद्ध संतरा, आज संकट में है इसके लिए विशेष ध्यान देने की जरुरत है. यह बात शासन के उद्यान पंडित पुरस्कृत मनोज जवंजाल तथा नागपुर संतरा उत्पादक सह संस्था काटोल अध्यक्ष रमेश फिस्के ने बताया.

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