Published On : Tue, Jul 29th, 2014

उमरखेड : सावलेश्वर से विद्यालय तक के रास्ते की दुरावस्था


विद्यार्थी व नागरिकों को करना पड रहा है परेशानियों का सामना

उमरखेड

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देश का हर बच्चा शिक्षा से वंचित ना रहे इसलिए सरकार करोडो रूपये खर्च कर रही है. लेकिन शिक्षा के मंदिर में जाने के लिए ठीक रास्ते उपलब्ध ना होने की वजह से विद्यार्थियों को कई परेशानियों का सामना करना पड रहा है. ऐसा ही तालुका के सावलेश्वर के विद्यार्थियों के साथ हो रहा है. घर से स्कूल 1 कि.मी. की दुरी पर होने से विद्यार्थियों को कीचड़ से भरे रास्ते को पार करते हुए स्कूल जाना पड़ता है.

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सावलेश्वर में आनंदीबाई माधवराव रावते विद्यालय है. इस विद्यालय में 8 वी से 10 वी तक कक्षा है. सावलेश्वर गांव से यह स्कूल 1 कि.मी. की दुरी पर है. इस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 125 है. इस में सबसे ज्यादा लड़कियों की संख्या है. गांव से स्कूल जाने का मार्ग अत्यंत ख़राब होने की वजह से थोडी सी बारिश में भी इस रास्ते पर कीचड़ जमा हो जाता है. इस वजह विद्यार्थियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. विद्यार्थियों के साथ-साथ ही स्कूल के समीप के दलितबस्ती के नागरिकों को भी. इन परेशानियों का सामना करना पड रहा है. सावलेश्वर से आनंदीबाई रावते स्कूल तक के रास्ते को ठीक करने का काम जल्द से जल्द शुरू किये जाने की मांग नागरिकों ने की है.

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