Published On : Wed, Jul 16th, 2014

हिंगणघाट : पवन का अपहर्ता अहमदनगर में पकड़ाया

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बच्चा सुरक्षित, मांगी थी 5 लाख की फिरौती


हिंगणघाट

आरोपी राहुल अरुण शेंडे

आरोपी राहुल अरुण शेंडे

स्थानीय संत तुकडोजी महाराज वार्ड के 7 वर्षीय बालक पवन ढगे का अपहरण कर 5 लाख की फिरौती मांगने वाले राहुल अरुण शेंडे को 15 जुलाई की शाम साढ़े 6 बजे अहमदनगर के बाजार में घूमते हुए पकड़ लिया गया. अहमदनगर की अपराध शाखा के पुलिसकर्मियों ने यह कार्रवाई की. पवन ढगे सुरक्षित था. पुलिस ने पवन के माता-पिता से उसकी बात भी कराई. तब जाकर कहीं उनकी जान में जान आई.

पवन ढगे

पवन ढगे

बदलता रहा ठिकाने
राहुल शेंडे मोटरसाइकिल पर बैठाकर पवन ढगे को हिंगणघाट से लेकर गया था. पुलिस को उसकी मोटरसाइकिल अहमदनगर बस स्टैंड परिसर में मिली. मोबाइल ट्रेसिंग में राहुल के अहमदनगर के बाजार में होने की जानकारी मिली. बस, पुलिस ने बिना समय गंवाए उसे दबोच लिया. उसके पास लैपटॉप भी था. रविवार से वह पवन को लेकर मोटरसाइकिल पर ही घूम रहा था. साथ ही बार-बार अपना ठिकाना भी बदल रहा था.

पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण
राहुल शेंडे की गिरफ़्तारी में स्थानीय अपराध शाखा के सहायक पुलिस निरीक्षक विजय नाईक, जमादार संजय गायकवाड़, मनोज नांदुरकर और किशोर आप्तुरकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही. राहुल की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस के दो दल बनाए गए थे. इसमें से एक का नेतृत्व विजय नाईक और दूसरे का पुलिस उपनिरीक्षक मलकापुरे कर रहे थे. पुलिस अधीक्षक अनिल पारस्कर ने लगातार 16 घंटे बैठकर राहुल की गिरफ़्तारी के लिए जाल रचा और उसमें वे सफल रहे.

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राहुल के साथ घूमती रही पुलिस भी
बताया जाता है कि राहुल शेंडे पहले पवन को लेकर पुणे जानेवाला था. मोबाइल ट्रेसिंग में कल वह अकोला में मिला. उसने अकोला के पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से दो बार में 25 हजार रुपए भी निकाले थे. मंगलवार को जब उसके कुछ देर औरंगाबाद में होने की जानकारी मिली तो पुलिस दल वहां भी गया. उसने औरंगाबाद के यूनियन बैंक के एटीएम से कुछ राशि निकालने का प्रयास किया, पर सफल नहीं हो पाया. फिर वह औरंगाबाद के ही स्टेट बैंक के एटीएम में गया और वहां से उसने 25 हजार रुपए निकाले, लेकिन पुलिस जब औरंगाबाद पहुंची तो वह अहमदनगर पहुंच चुका था. इसके चलते पुणे में डेरा डाले बैठे विजय नाईक के दल को अहमदनगर बुलवाया गया. नाईक का दल अहमदनगर पहुंचा और वहीं राहुल शेंडे को दबोच लिया गया.

पहले निकटता बढ़ाई, फिर अपराध किया
दरअसल, हिंगणघाट के संत तुकडोजी महाराज वार्ड निवासी गणपतराव ढगे के घर में राहुल शेंडे पिछले दो महीनों से संकेत देशमुख के नाम से किराए से रह रहा था. इन थोड़े से दिनों में ही उसके ढगे परिवार से करीबी संबंध बन गए थे. पवन को वह अक्सर आइसक्रीम खिलाने ले जाया करता था. 14 जुलाई को जब गणपतराव ढगे अपनी पत्नी के साथ पंढरपुर गए थे, तभी राहुल मोटरसाइकिल पर बैठाकर पवन को बाहर लेकर गया. इस बीच उसने यह कहते हुए सोनू ढगे से उसका एटीएम कार्ड और कोड नंबर पूछ लिया था कि उसका एटीएम ब्लॉक हो गया है और उसके घर से पैसा आने पर वह लौटा देगा. राहुल ने पवन के अपहरण के बाद 5 लाख की फिरौती की मांग की थी.

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