Published On : Tue, Aug 12th, 2014

उमरखेड़ : … तो विधानसभा चुनाव का बहिष्कार होगा

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तालुका को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग


उमरखेड़

अतिवृष्टि, अनावृष्टि और ओलावृष्टि से उमरखेड़ तालुका के किसानों का जीना मुहाल हो गया है. तालुका को 8 दिनों के भीतर सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित कर सभी संभावित कदम उठाए जाने की मांग अनेक संगठनों ने की है. ऐसा नहीं होने पर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है. मांग करनेवाले संगठनों- मराठा सेवा संघ, संभाजी ब्रिगेड, विखे पाटिल कृषि परिषद और छावा संगठन ने उपविभागीय अधिकारी को दिए ज्ञापन में यह चेतावनी दी है.

ज्ञापन में कहा गया है कि कुदरत की बेरुखी और प्रशासन की उदासीनता के चलते उमरखेड़ तालुका के किसानों का जीना मुश्किल हो गया है. ऐसे में इन संगठनों और किसानों ने मांग की है कि इलाके को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाए, पैनगंगा नदी में 10 मिलियन घनमीटर पानी छोड़ा जाए, मवेशियों के लिए चारा डेपो शुरू लिया जाए, पैनगंगा नदी पर कोल्हापुरी बांध बनाए जाएं, ईसापुर बांध की बाईं नहर का अपूर्ण कार्य पूर्ण किया जाए, तालुका के सारे तालाबॉ को गहरा कर उसकी मरम्मत की जाए और कोप्रा (बु) से चातारी रास्ते की मरम्मत की जाए. 8 दिनों में उचित कदम नहीं उठाए जाने पर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार और असहयोग आंदोलन करने की धमकी दी गई है.

मांग करनेवालों में मराठा सेवा संघ के अध्यक्ष सुरेश कदम, पद्मश्री विखे पाटिल कृषि परिषद के तालुकाध्यक्ष चक्रधर पाटिल देवसरकर, संभाजी ब्रिगेड के तालुकाध्यक्ष राम कदम, छावा के जिला उपाध्यक्ष रितेश कदम, वीर भगतसिंह विद्यार्थी परिषद के कार्याध्यक्ष सतीश कदम, बालाजी वानखेड़े, अम्बादास कदम, दादाराव वानखेड़े, चितांगराव कदम सर, प्रा. प्र. भा. काले शामिल हैं.

sukha

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