Published On : Wed, Jun 24th, 2015

यवतमाल : बच्चे की मदद से घर में 10 लाख की चोरी


एसपी के घण्टों कोशिश के बाद भी नही मिला सुराग 

Theft with the help of Kid
यवतमाल
। स्थानीय दाते कॉलेज के पास स्थित शास्त्री नगर निवासी संदीप राशतवार के घर कल रात 8 बजे से लेकर 10.30 बजे बिच चोरी हुई. जिसमें एक बच्चे की मदद से शातिर चोरों की टीम ने घर में रखे 10 लाख के गहने और नगद 8 हजार रुपए चुरा लिए. रात 10.45 बजे राशतवार परिवार स्थानीय गायत्री लॉन से खाना खाकर वापस लौटा तो उन्हें चोरी होने की बात पता चली. जिसके बाद राशतवार ने घटना की शिकायत वडगाव रोड थाने में दी. वैसे ही एसपी अखिलेश सिंह घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने रुबि डॉग पथक, फिंगर एक्सपर्ट, डीवाईएसपी राहुल मदने, वडगाव रोड थानेदार बालकृष्ण जाधव, शहर थानेदार आदि को भी बुलाया. पाच पुलिस गाडिय़ों में यह सब लोगों का ताफा वहा पहुंचा था. जिसके बाद चोरों ने चोरी करने के लिए क्या पैतरा इस्तेमाल किया? इसका पता लगाया गया. चोरों ने घर के पिछे लगी खिड़की के ग्रील की लोहे की पट्टियां तोड़कर एक छोटा बच्चा घर में प्रवेश कर सकता है, इतनी जगह बनाई. उस जगह में से बच्चे को अंदर उतारा गया, बाद में उस बच्चे ने जाकर उपर की गैलरी का दरवाजा खोला. उस दरवाजे से चोरों का गिरोह अंदर पहुंचा. उन्होंने इस घर के तीन बेडरुमों की अलमारियों को तोड़ा और उसमें रखे 10 लाख के जेवर और नगद 8 हजार रुपए चुरा लिए.

घटना की शिकायत का पता चलते ही एसपी अखिलेश सिंह घटनास्थल पहुंचे, उन्होंने डॉग युनिट को कॉल किया, मगर ढेड-दो घण्टों के बाद वह डॉग युनिट पहुंचा. जबकि घटनास्थल और डॉग युनिट की दूरी मात्र 2 कि.मी. थी. डॉग युनिट ने घटनास्थल से वडगाव रोड़ ग्रा.पं. के क्षेत्र मुलकी तक का रास्ता पुलिस को बताया. इस समय स्वयम् एसपी भी डॉग युनिट का पिछा कर रहें थे. चोरों ने खिड़की तोडऩे और चोरी करते समय दस्ताने पहने थे. इसलिए उनके फिंगर प्रिंट भी नहीं मिल पाने की जानकारी प्राप्त हुई है. चोर भी इतने शातिर थे, कि उन्होंने घर में रखे असली जेवर ही चुराकर ले गए. बाकी बेंन्टेक्स के गहने बेड पर छोड़कर चले गए. यह गिरोह सुनियोजीत ढंग से अनुभव का लाभ लेकर चोरी करने में माहिर है. कल रात राशतवार परिवार घर के एक सदस्य का जनमदिन होने के कारण खाना खाने के लिए गायत्री लॉन गया हुआ था.

इससे पहले इसी घर से सटे दिनेश गंधे के यहां से खिड़की में हाथ ड़ालकर कम्प्युटर मशीन चुराई गई थी. उससे पहले पड़ोसी जिरापुरे के यहां से सुबह 6 बजे मोबाईल चोरी गए थे. कुलमिलाकर शास्त्री नगर यह क्षेत्र चोरों के लिए टार्गेट से कम नहीं है. जिस घर में चोरी हुई है. वह घर दो माह पहले एक वर्ष तक खाली पड़ा था. उस दौरान चोरउच्चकों ने उसे ही अपना अड्डा बना लिया था. जिसके चलते चोरों को इस घर की पूरी जानकारी थी. इतना ही नहीं तो जब राशतवार परिवार घर से बाहर निकला उस समय भी चोरों की नजर इस घर पर और परिवार के सदस्यों पर थी. इतना ही नहीं तो यह परिवार कहा जाता है. इसका पिछा करते हुए भी चोर गायत्री लॉन तक पहुंचा था और जबतक राशतवार परिवार वहां से बाहर नहीं निकला तबतक वहीं पर नजर बनाए हुए था और मोबाईल पर इसकी जानकारी दे रहा था तो दूसरी ओर चोरों की टीम घर में बेहिचक चोरी कर रहीं थी. उन्होंने खिड़की का ग्रील तोडऩे के लिए हाथौडे के दो-तीन वार किए. जिसकी आवज पड़ोसियों ने सुनी, मगर उन्होंने गंभीरता नहीं लिया. नहीं तो यह चोरी नहीं हुई रहती. नवनियुक्त एसपी अखिलेश सिंह ने अब चोरी करनेवालों को खैर नहीं ऐसा बता दिया है. जिससे उन्होंने घण्टों तक देररात तक घटनास्थल पर उपस्थित रहे. इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था.