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    Published On : Tue, Sep 1st, 2020

    मूल विभाग में लौटने के लिए आकाओं के चक्कर लगा रहे कर्मी

    – पूर्व मनपा आयुक्त ने किया था जिनका तबादला

    नागपुर – पूर्व मनपा आयुक्त ने अपने अल्प कार्यकाल में जितने अधिकारी-कर्मियों का तबादला किया था,अब आयुक्त का खुद का तबादला सरकार ने कर दिया।जिसके कारण जिन-जिन का तब तबादला हो गया था,वे अपने मूल-मलाईदार विभाग में लौटने के लिए अपने राजनैतिक आकाओं के चक्कर लगाना शुरू कर दिए और ऐसा जल्द ही देखने को मिल सकता हैं.

    एक टार्गेट लिए पूर्व मनपायुक्त ने जनवरी मासांत में मनपा में जिम्मेदारी संभाली।इसके बाद सत्तापक्ष के मनसूबे पर पानी फेरने के इरादे से एक-एक कर उनके पर कतरने लगे.इसी क्रम में सत्तापक्ष के निकटवर्ती अधिकारी व कर्मियों को उनके मूल-मलाईदार विभाग से हटाकर उन्हें जोन कार्यालय का रास्ता दिखा दिया।इस क्रम में नगर रचना विभाग अग्रणी रहा,इस विभाग के मनपा में सत्तापक्ष के निकटवर्तियों को सारंग पि. सहित एक दर्जन को जोनल कार्यालय में भेज दिया गया.हुए तब्दले से उक्त सभी छटपटा गए.

    कुछ दिन पूर्व तब के मनपायुक्त मुंढे का भी सरकार ने दबाव में आकर तबादला कर दिया।इससे सम्पूर्ण मनपा से जुड़े लोगों में मानो लॉटरी लगी,जैसी ख़ुशी आ गई.मुंढे के तबादले बाद सारंग पि. जैसे पुनः अपने मूल-मलाईदार विभाग में लौटने के लिए अपने-अपने राजनैतिक आकाओं के चक्कर काटने शुरू कर दिए.ऐसे कर्मियों को उनके मूल-मलाईदार विभाग तक पहुँचाने के लिए मनपा में दबंग सफेदपोश अपना प्रभाव दिखाएंगे,जिन्हें ७ माह पूर्व मनपायुक्त ने प्रभावहीन कर दिया था.

    याद रहे कि नगर रचना विभाग में बिना खर्च के कोई भी काम आसानी अथवा समय पर नहीं होता।खर्च न करने पर इतने चक्कर लगवाए जाते कि उनका दम फूलने लगता।सारंग पि. भी इन्हीं में से ऐसा कर्मी हैं,जो फिर चाहे जो कोई भी हो ;फ्री’ में कुछ नहीं करता,शेष इनके समक्ष कर्मी सारंग पि.जैसा नहीं अड़ते,लेकिन वे भी छोड़ने नहीं !

    याद रहे कि बिना लेनदेन के काम करने वाले मनपा में उंगलियों पर अधिकारी-कर्मी हैं.जिन्हें मनपा के दबंग सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त हैं.क्या नए मनपायुक्त ऐसे ताबदलो के सिफारिश पूर्व उनके ताबदलो के कारणों की समीक्षा करेंगे या फिर इसे औपचारिकता का नाम दे,बड़े आसानी से मूल-मलाईदार विभाग में इच्छुकों को जाने का मार्ग प्रसस्त करेंगे।

    वर्ष २०२०-२१ का बजट जल्द
    पूर्व आयुक्त के जिद्द व प्रभाव के कारण वर्त्तमान आर्थिक वर्ष के ५ माह समाप्त हो गए.पिछले आर्थिक वर्षो की तुलना में अब तक बजट पेश होकर अमल में आ गया होता।लेकिन कोरोना की आड़ में आर्थिक तंगी का हवाला देकर पूर्व मनपायुक्त ने बजट तैयार करने व पेश करने के मार्ग में रोड़ा डाल रखा था.इसके बावजूद स्थाई समिति सभापति ने पिछले माह से बजट पेश करने हेतु तैयारी शुरू कर दी थी.अब चूँकि पूर्व आयुक्त का मनपा से छुट्टी हो गई तो आशा की जा रही कि जल्द ही बजट तैयार कर प्रस्तुत कर पेश कर दिया जाएगा।इसके लिए जल्द ही बजट विशेषज्ञ को धंतोली जोन से छुट्टी कर स्थाई समिति कार्यालय में बतौर ‘ओएसडी’ के रूप में लाया जा सकता हैं.क्यूंकि अबतक एक दर्जन से अधिक स्थाई समिति का बजट उनके ही मार्गदर्शन में तैयार किया गया.इस कर्मी को मनपा में सबसे ज्यादा मनपा नियमावली का ज्ञान हैं,शायद इसलिए सत्तापक्ष को कमजोर करने अथवा तोड़ने के लिए पूर्व आयुक्त ने इनका तबादला धंतोली जोन में कर दिया था.

    एसटी के निर्देशनुसार मनपा की आपली बस सेवा शुरू करें
    एम.ओ.डी.आई. फाउंडेशन ने नए मनपायुक्त राधाकृष्णन बी ,महापौर संदीप जोशी,परिवहन सभापति बाल्या बोरकर से मांग की हैं कि शहर के आम गरीब नागरिकों की रक्तवाहिनी ‘आपली बस’ को राज्य परिवहन विभाग के निर्देशानुसार शुरू करने हेतु ठोस पहल की जाए.इनका तर्क यह हैं कि एसटी बस सम्पूर्ण राज्य में जब शुरू हो सकती हैं तो मनपा की आपली बस शुरू करने में क्या अड़चन हैं.यह मनपा की आम नागरिकों के लिए आज के दौर में बेहतर सुविधाओं में से एक हैं.वैसे भी लगभग ६ माह से ‘आपली बस’ के बेड़े में शामिल बसें खड़ी-खड़ी खर्चे बढ़ा रही,काफी पुरानी हो चुकी बसें जर्जर हालात में पहुँच चुकी,इन पर ईंधन खर्च कम करने के लिए मनपा में रॉमेट जैसे कंपनी से करार किया हुआ हैं.’आपली बस’सेवा शुरू होते ही एक-दूसरे स्थान तक आवाजाही करने में आसानी होंगी,कोरोना काल में आम परिवहन सेवा के संचलन पर पाबंदी लगाई जाने से आवाजाही काफी प्रभावित हुई हैं.फाउंडेशन ने आयुक्त सह महापौर से इस सन्दर्भ में सकारात्मक मंथन कर कम से कम मुख्य मार्गो पर बसें शुरू करने की मांग की हैं.

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