Published On : Tue, Dec 2nd, 2014

बुलढाणा : आत्महत्याग्रस्त किसानों के हितों की रक्षार्थ कार्यकर्ता संघर्ष करें

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विजय अंभोरे के नेतृत्व में काँग्रेस ने किया धरना आंदोलन

Dharna Andolan
बुलढाणा।
जिले में इस वर्ष औसतन कम वर्षा होने से किसानों की परिस्थिति अत्यंत खराब हो चली है. उत्पादन कम और खर्च बढ़ जाने से किसानों की हालत गंभीर हो गई है. ऐसी विकट परिस्थिति में किसानों का मनोबल बना रहे इसके लिए चौतरफा मदद करने की जरूरत है. काँग्रेस कमिटी के विजय अंभोरे आज जिलाधिकारी कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना आंदोलनरत हो सम्बोधित कर रहे थे.

इस धरना-आंदोलन में मंत्री डॉ. नितिन राऊत, चिखली मतदान संघ के विधायक राहुल बोंद्रे, बुलढाणा मतदान संघ के विधायक हर्षवर्धन सपकाल, जि.प. अध्यक्ष अलका खंडारे, श्याम उमालकर, जयश्री शेलके, मीनल आंबेकर, बालाभाऊ भोंडे, मुखतार सिंह राजपूत, अंकुश वाघ, जि.प. सभापति गणेश बस्सी, समाधान हेलोडे, सतीश महेन्द्रे, दादूसेठ मोहन जाधव, विनोद बेंडवाल, राजीव काटीकर, महेन्द्र बोर्डे, डॉ. पुरुषोत्तम देवकर, सुनील सपकाल, गोपाल सिंह राजपूत, गणेश जाधव, गणेश पाटील, गणेश बोचरे, चित्रांगण खंडारे, अशोक जायस्वाल प्रमुखता से उपस्थित थे.

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उन्होंने किसानों की माँगों को दोहराते हुए बुलढाणा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने, किसानों कोरवाडवाहु कृषि के लिए 25 हजार रुपये व रबी के लिए प्रति हेक्टर 50 हजार रुपये तत्काल मदद देने, कृषि पंप के बिजली माफ कर 8 घंटे बिजली आपूर्ति करने, किसानों की बच्चों की फीस माफ कर शिष्यवृत्ति देने, सोयाबीन को 6 हजार व कपास को 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल का भाव देने, किसान आत्महत्याग्रस्त परिवार को मदद देने की घोषणा, किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने, किसानों में पेंशन योजना शुरू करने, जवखेड़ के दलित हत्याकाण्ड की सीबीआई से जाँच करवाने, विधायक बोंद्रे व अन्य कांग्रेस विधायकों के निलंबन तत्काल वापस लेने की बात कही. इन माँगों के अलावा भाजपा नीत असंवैधानिक सरकार के निषेध में मंगलवार को धरना आंदोलन किए जाने की बात कही.

वहीं विधायक हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि जिले के किसानों की विकट स्थिति के मद्देनजर हम महसूल अधिकारियों की बैठक की. अधिकारियों को 50 पैसे आणेवारी कम करने के निर्देश दिया. उन्होंने रचनात्मक कार्य व संघर्षात्मक कार्यों के अंतर को स्पष्ट कर किसानों को पूर्ण दाब की बिजली आपूर्ति करने की मांग की. प्रस्ताविक भाषण डा. पुरुषोत्तम देवकर ने दिया. संचालन सुनील सपकाल व आभार प्रदर्शन जाकिर कुरैशी ने किया. अवसर पर मृत किसानों का श्रद्धांजलि अर्पित कर राष्ट्र गीत गाया. अवसर पर भानूदास राऊत, अनिल फेपाले, भगवान भोंडे, नंदू शिंदे, मुरली सरोदे, भागवत सुसर, सुनील तायड़े, गजनफर, अनिल चौतमल, दादा महाले, बबन पाटिल, एड. सुभाष वाघ, मो. अफसर, बबलू कुरैशी, सुनील तायड़े, सुनील गवई, पृथ्वीराज राजपूत, वासुदेव उचाड़े, एड. राज शेख, मोईन काजी, सुरेश सरकटे, गौतम मोरे, सुदाम हिवाले, नईम खान, मो. तौफीक, शेख इस्माइल, कदिर खान, शेख जहीर व ताकुला व शहर काँग्रेस कमिटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे.

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