Published On : Mon, Jul 23rd, 2018

मुख्यमंत्री की सभा में एक मराठा लाख मराठा की घोषणा देनेवाली महिला हिरासत में

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चिंचवड़गांव में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सभा में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए पूरी एहतियात बरतने के बाद भी एक महिला ने हंगामा मचाने की कोशिश की। हांलाकि उससे पहले ‘एक मराठा लाख मराठा’ की घोषणा देते ही पुलिस ने उस महिला को हिरासत में ले लिया। इससे सभागृह में थोड़ी देर के लिए हंगामा मचा रहा। मुख्यमंत्री ने भी अपना भाषण ‘शॉर्टकट’ में पूरा किया।

पंढरपुर में आषाढ़ी एकादशी की सरकारी पूजा रद्द होने के बाद मराठा क्रांति मोर्चा ने पिंपरी चिंचवड़ में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की धज्जियां उड़ाने की चेतावनी दी थी। इस पृष्ठभूमि पर पुणे पुलिस ने चिंचवड़गांव में सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए हैं। सोमवार की सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आगमन से पूर्व पुलिस ने अब तक मराठा क्रान्ति मोर्चा के तकरीबन 25 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। ये सभी मुख्यमंत्री के समारोह के दौरान आंदोलन की तैयारियों में थे, ऐसा बताया जा रहा है।

चिंचवड़गांव में क्रांतिवीर चापेकर राष्ट्रीय संग्रहालय के भूमिपूजन कार्यक्रम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों संपन्न हुआ। मराठा क्रांति मोर्चा द्वारा दी गई चेतावनी के मद्देनजर पुलिस ने यहाँ सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। इससे पूरे चिंचवड़गांव को छावनी का रूप प्राप्त हो गया था। पुणे पुलिस के आला अधिकारी सुबह से ही यहां पहुंच कर हर गतिविधि पर नजर बनाए रखे हुए थे। इस समारोह में कोई बाधा न पहुंचे इसका पूरा ध्यान रखा गया। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही समारोह स्थल पर दाखिल होने की कोशिश में रहे मराठा क्रांति मोर्चा के 20 से 25 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

इतनी एहतियात बरतने के बाद भी मुख्यमंत्री का भाषण शुरू रहने के दौरान मराठा क्रांति मोर्चा की एक समर्थक महिला जो कि महिला दर्शकों में पहले से ही बैठी हुई थी, अचानक उठकर खड़ी हुई। उसने ‘एक मराठा लाख मराठा’ की घोषणा हंगामा करने की कोशिश की। हांलाकि उससे पहले ही यहाँ मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया और हिरासत में ले लिया। इससे सभा स्थान पर कुछ देर के लिए हंगामा मचा रहा। हांलाकि उसके बाद कार्यक्रम शान्ति से संपन्न हुआ, मगर मुख्यमंत्री ने ‘शॉर्टकट’ में भाषण पूरा किया।

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ज्ञात हो कि मराठा क्रांति मोर्चा ने आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर आक्रामक रुख अपना कर मुख्यमंत्री को पंढरपुर में सरकारी पूजा न करने देने की चेतावनी दी थी। इसके चलते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूजा में शामिल न होने की घोषणा की। सोमवार की सुबह उन्होंने सपत्नीक अपने ‘वर्षा’ निवास स्थान पर ही आषाढ़ी एकादशी पर भगवान विट्ठल रुक्मिणी की पूजा आराधना की।

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