Published On : Thu, May 7th, 2015

अकोला : सातों बीडीओ के खिलाफ होगी कार्रवाई

Akola ZP
अकोला। अकोला जिला परिषद की विगत चार सभाओं की विषय सूची में पंचायत समितियों के गुट विकास अधिकारियों का जायजा बैठक का समावेश किया गया, लेकिन हमेशा की तरह आज भी स्थायी समिति की सभा में सातों पंचायत समितियों के गुट विकास अधिकारी अनुपस्थित रहे. इस प्रकार सभागृह की अवमानना किए जाने से आज स्थायी समिति सदस्यों ने सातों पंचायत समितीयों के बीडीओ के खिलाफ कडी कार्रवाई करने के लिए प्रधान सचिव की ओर शिकायत करने का प्रस्ताव पारित किया.

फलस्वरूप सातों बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है. इसके अलावा सभा में विविध विषयों पर चर्चा की, जिनका नतीजा शायद ही कभी निकल पाए. क्योंकि आज तक सभाओं में उठाए गए मुद्दों को कमी अंजाम तक पहुंचने नहीं दिया गया, सभागृह में इस विषय को भी कुछ सदस्यों ने छेडा. अकोला जिला परिषद स्थिति राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज सभागृह में आज स्थायी समिति की सभा का आयोजन किया गया, जिसमें गुट विकास अधिकारियों की अनुपस्थित पर कडी आपत्ती जताई गई. सभागृह को जिप सदस्य विजय लव्हाले ने बताया कि सभी गुट विकास अधिकारियों ने स्थायी समिति की सभा में उपस्थित रहने की आवश्यकता न होने का ज्ञापन जिला परिषद के सीईओ को सौंपा है. इसमें यह भी कहा गया  कि स्थायी समिति तो क्या सर्वसाधारण सभा में भी बीडीओ को उपस्थित रहना जरूरी नहीं है.

बीडीओ के इस प्रकार के रूख को देखते हुए जिप सदस्यों ने इसे सभागृह की अवमानना करार देते हुए सभी बीडीओ  के खिलाफ कडी कार्रवाई करने का प्रस्ताव लेने की मांग स्थायी समिति सभापति से की. पश्चात सर्वसम्मति से प्रधान सचिव से शिकायत करने का प्रस्ताव सभागृह में पारित किया गया. इसी प्रकार विभागीय  आयुक्त, ग्राम विकास मंत्रालय से भी बीडीओ के इस रवैये की शिकायत की जाएगी. इस दौरान अनुपालन का विषय भी उठा. इसमें कुछ जिप सदस्यों ने आरोप लगाया उसको अंजाम तक नहीं पहुंचाया जाता. फिर इस प्रकार समय बर्बाद करने का क्या मतलब. वहीं विगत सभाओं की भांति इस बारभी शाखा अभियंता रणबावरे का मुद्दा उठा.

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व शाखा अभियंता रणबावरे पर भ्रष्टाचार के आरोप सभागृह में लग चुके है. कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई, लेकिन इस मुद्दे को भी दबा दिया गया. आज शाखा अभियंता रणबावरे की ओर दिए गए लगभग चार प्रभारों की ओर निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता का ध्यान खिंचा गया. इस पर उन्होंने बताया कि विभाग में मनुष्य बल की कमी है. इस कारण प्रभार के भरोसे ही कामकाज चलाया जा रहा है. सभा में जलकिल्लत निवारण की उपाययोजना पर भी चर्चा की गई, जिसमें ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि जिले में 53 उपाय योजनाओं के कार्य प्रगतिपथ पर है, तो 27 पूरे हो चुके हैं. खांबोरा जलापूर्ति योजना का काम भी पूरा होने को है.


इस दौरान यह सामने आया कि 84 ग्राम प्रादेशिक जलापूर्ति योजना अंतर्गत मजीप्रा के पास कर्मचारियों की कमी होने से जलापूर्ति में समस्या निर्माण हो रही है. किंतु कर वसूली के अभाव में नए कर्मचारियों  की नियुक्ति भी अटकी पडी है. सभा के अंत में नेपाल व भारत में भूकंप से मारे गए नागरिकों को श्रद्धांजली अर्पित की गई. सभा में जिला परिषद अध्यक्ष शरद गवई, उपाध्यक्ष गुलाम हुसेन एवं स्थायी समिति सदस्य उपस्थित थे.