Published On : Fri, Oct 25th, 2019

नागपुर जिले में कौन सा फैक्टर उमेदवारो को जीताने और हारने में रहा भारी

नागपुर– नागपुर ग्रामीण के रुझान भी इस बार भाजपा को निराश करनेवाले आये है. कामठी विधानसभा क्षेत्र से नजदीकी मुकाबले में भाजपा के टेकचंद सावरकर ने कांग्रेस के सुरेश भोयर को हरा दिया.

सावरकर ने यहां पर 1,18,182 वोट लिए तो वही कांग्रेस के भोयर ने भी 1,07 ,066 वोट हासिल किए. यहां पर पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का फैक्टर काम कर गया और उनके द्वारा की गई मेहनत का लाभ सीधा सावरकर को मिला. इसी तरह हिंगना विधानसभा में समीर मेघे जीते. मेघे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के विजय घोड़मारे को हराया. मेघे ने 1,21,305 वोट हासिल किए तो वही घोड़मारे ने 75,138 वोट लिए.

यहां मेघे द्वारा किए गए विकास कार्यो का परिणाम चुनाव के नतीजों में देखने को मिला. सावनेर विधानसभा से कांग्रेस के सुनील केदार जीते है. उन्होंने भाजपा के डॉ. राजीव पोतदार को हराया है. केदार ने 1,10,445 वोट लिए, तो वही पोतदार को 84,489 वोट मिले है. यहां लगातार विधायक रह चुके केदार फिर विधायक बने है. केदार के द्वारा किए गए किसानों के लिए कामों का लाभ केदार को मिला है.

अब बात करते है काटोल विधानसभा की. राष्ट्रवादी कांग्रेस के अनिल देशमुख ने यहां पर भाजपा के चरणसिहं ठाकुर को हराया है. देशमुख ने 96,892 वोट हासिल किए है तो वही ठाकुर को 79,785 वोट मिले है. चरणसिंह ठाकुर को लेकर काटोल के ही नागरिकों में रोष का वातावरण था और उन्हें लेकर नाराजगी नागरिकों में देखी गई. जिसका सीधा लाभ भी देशमुख को मिला. रामटेक से निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतरे आशीष जैस्वाल जीते है. उन्होंने भाजपा के मल्लिकार्जुन रेड्डी को हराया है. जैस्वाल ने यहां 67,419 वोट लिए है तो वही मल्लिकार्जुन को केवल 43,006 वोटों से ही संतुष्ट होना पड़ा. जैस्वाल के द्वारा किए गए कार्य और रेड्डी से नाराजगी के चलते जैस्वाल जीतकर आए है.