Published On : Wed, Nov 12th, 2014

नागपुर : आखिर चंद्रपुर जिले में शराबबंदी कब से ?

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जिले में कांग्रेस के विस उपनेता, राज्य के वित्त मंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री से जनता का सवाल

नागपुर टुडे। भाजपा नेता व राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार जब तक सत्ता से बाहर थे, वे वर्षों से लगातार बिना साँस लिए चंद्रपुर जिले में शराबबंदी लागू करने की एड़ी-चोटी का जोर लगाते रहे. अब जबकि मुनगंटीवार सरकार में वित्त मंत्री बन गए हैं, तो सम्भव है कि शराब-बंदी निकटवर्ती कुछ दिनों में लागू हो जाएगी. जिले के मतदाताओं ने भी शराबबंदी के समर्थन में उन्हें सत्ता सौंपी है. अभी हाल में अपने गृह क्षेत्र चंद्रपुर नगरागमन पर शराब-बंदी करने सम्बन्धी अपने आश्वासन को पूरा करने की बात कही थी. अब सवाल यह है कि आखिर मुनगंटीवार चन्द्रपुर में कब से शराबबंदी लागू करेंगे? क्योंकि अब जबकि जिले के 3 दमदार नेता केंद्रीय राज्यमंत्री हंसराज अहीर, राज्य का वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार और राज्य विधानसभा में कांग्रेस के उप नेता विजय वडेट्टीवर अच्छे पदों पर आसीन हैं. वहीं दूसरी ओर शराब धंधे से जुड़े लोगों सह शराब निर्माता कम्पनियों की धड़कनें तेज हो गई है कि अध्यादेश कहीं जल्द लागू हो जाय तो उनका धंधा चौपट न हो जाय.

शराब विक्रेताओं को हिम्मत दिलवा रहा
सूत्र बतलाते हैं कि शराब के निर्माता, थोक व चिल्लर विक्रेताओं को जिला शराबबंदी से धंधा चौपट होने से बचाने के लिए हिम्मत दिलवा रहा है कि उसके पास ऐसा उपाय है कि राज्य सरकार जिले में शराबबंदी लागू करेगी वे जायज कारणों पर ‘स्टे’ ला लेंगे. उसका मानना है कि किसी भी कारणों को सामने लेकर जिला शराबबंदी मुमकिन नहीं है.

राजस्व हानि का पर्यायी व्यवस्था दर्शाना होगा सरकार को
चंद्रपुर जिला में शराबबंदी लागू करने से पहले राज्य सरकार को शराब से चंद्रपुर जिले से वार्षिक उत्पन्न का पर्यायी मार्ग बताना होगा. यह वार्षिक राजस्व किस अन्य स्रोत से आएगा, उसका पुख्ता मार्ग दर्शाना होगा. अगर ठोस उपाय योजना किए बगैर जिले में शराब बंदी लागू किया गया तो आबकारी विभाग को आर्थिक नुकसान सहना होगा, यह भी संभव है कि विकास कार्य बाधित हो.

जिले के लाइसेंसों पर अन्यों की वक्रदृष्टि
जैसे ही राज्य के शराब धंधे में लिप्त और इच्छुकों को भनक लगी कि चंद्रपुर जिले में शराबबंदी लागू किये जाने की मंशा है, सभी लाइसेन्सधारी व इच्छुक  अपने-अपने लोगों को चंद्रपुर में सक्रिय कर शराबबंदी के पश्चात निष्क्रिय होने वाले लाइसेंसों को मोल-भाव कर राज्य के अन्य जिले में तबादला-खरीदी के लिए जुगत भिड़ाए हुए है. निष्क्रिय लाइसेंस कम कीमत में मिल जाते हैं. और देसी-विदेशी वाइन शॉप लाइसेंस जारी करना राज्य सरकार ने बंद कर दिया है. इन दोनों लाइसेंसों के खरीदारों की संख्या सैकड़ों में है. जिले के कम ही ऐसे लाइसेंसधारी होंगे, जो शराबबंदी के बावजूद अन्य शहरों में धंधा शुरू करने के लिए लाइसेंस पर अतिरिक्त खर्च करना चाहेंगे.

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…बंदी लागू होते ही स्पॉट डिलेवरी प्रथा शुरू हो जाएगी
जिले में शराबबंदी लागू होते ही शराब की खपत दोगुनी और महँगी हो जाएगी. इस चोरी-छिपे धंधे में सैकड़ों युवा लिप्त हो जायेंगे. यह धंधा कम समय में ज्यादा कमाई दिलवाएगा. गुजरात और वर्धा की तर्ज पर चंद्रपुर में शराब के शौकीनों को जहाँ चाहिए वहाँ सभी ब्रांड के शराब उपलब्ध मिलेंगे. ऐसे में डिलेवरी करवाने का नया धंधे को पुलिस-प्रशासन का समर्थन मिलना लाजमी हो जाएगा.

Sharab Bandi

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