Published On : Sun, Aug 13th, 2017

कैंसर कब हो जाता है पता भी नहीं चलता, इसका सस्ता उपचार उपलब्ध कराना चुनौती : रतन टाटा


नागपुर: कैंसर पूरी दुनिया में एक भयानक रोग के तैर पर जाना जाता है। लेकिन यह किसे अपना शिकार बनाएगा यह पता ही नहीं चल पाता। यह कोई लिहाज नहीं करता कि आप कौन हैं। अमीर हैं, गरीब हैं, जवान बूढ़े या बच्चे हैं, यह रोग किसी को भी हो सकता है।मेरे माता पिता की मौत भी कैंसर के कारण हुई थी। दुनिया भर में कैंसर से कई मीलियन मरीज मारे जाते हैं। गलत उपचार, देर से इलाज शुरू होने और उपचार में कमी के चलते भी यह खतरनाक सिध्द होता है। हमें महंगे संसाधनों को जुटाने के साथ इस उपचार को गरीबों के लिए सबसे सस्ते में उपलब्ध कराने की सबसे बड़ी चुनौती है।

नागपुर के जामठा स्थित 470 बेडों की प्रस्तावित अस्पताल योजना के साथ नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के पहले चरण के उद्घाटन अवसर को रतन टाटा संबोधित कर रहे थे। यह इंस्टिट्यूट डॉ. आबाजी थत्ते सेवा और अनुसंधान संस्थान के व्यवस्थापन बोर्ड द्वारा संचालित है। टाटा ने कहा कि ऐसे कैंसर सेंटरों की बदौलत हम आनेवाले दिनों में कैंसर को पूरी तरह खत्म करने में सक्षम हो सकेंगे। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, चिकित्सा शिक्षा व जलसंसाधन मंत्री गिरीश महाजन, राज्य सभा सांसद व अस्पताल संस्था के उपाध्यक्ष अजय संचेती, सांसद कृपाल तुमाने, हिंदूजा हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट हेड प्रमुख आशा कपाड़िया, आईटी के सीईओ संजीव पुरी, येस बैंक के सीईओ राणा कपूर, टाटा मेमोरियल अस्पताल के निदेशक कैलाश शर्मा, सन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के एमडी दिलीप सिंघवी, सायना एनसी, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय प्रमुखता से उपस्थित थे।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सस्ते कैंसर उपचार को मुहैय्या कराने को अपना सपना और लक्ष्य बताया। उन्होंने बताया कि पिता को जब कैंसर हुआ तो उनके इलाज के लिए वे टाटा हॉस्पिटल जाया करते थे। वहां देश दुनिया से कैंसर से पीड़ित मरीजों को देखकर ख्याल आता था कि कैंसर सेवा के लिए कुछ किया जाना चाहिए। 20 साल पहले इस संस्था के निर्माण का ख्याल आया और इसे आज साकार होते देखा जा रहा है। यह अस्पताल का पहला चरण है। कई और कार्य किए जाने बाकी है। सेवाभाव के दृष्टिकोण से चलाया जानेवाला यह अस्पताल अब कैंसर के इलाज के लिए लंबे समय तक ठहरनेवाले मरीजों के लिए रुकने के इंतेजाम भी परिसर में ही एक अन्य इमारत के जरिए कराएगा।


केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कैंसर के रोगियों के परिजनों को मुंबई में इलाज के दौरान यहां वहां ठहरते देखा है। नेशनल कैंसर अस्पताल मध्य के साथ मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक आदि राज्यों के कैंसर मरीजों के लिए बड़ा सहारा बनेगा। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से प्रशिक्षित होकर आए चिकित्सकों का लाभ यहां की गरीब जनता को मिल सकेगा। यह संस्था आनेवाले समय में टाटा मेमोरियल इंस्टिट्यूट का पर्यायी बनकर उभरेगा। केंद्रीय कोयला, नई और नवीनीकरणीय ऊर्जा और खान मंत्री पीयूष गोयल ने भी अस्पताल को नागपुर में साकारने के लिए मुख्यमंत्री की प्रबल इच्छा को कारक बताया। केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नागपुर के साथ मध्य भारत की अपेक्षाओं को साकारने वाले केंद्र के रूप में यह अस्पताल उभरेगा।