Published On : Tue, Jul 21st, 2020

क्या (Msedcl ) ग्राहकों को लूटने के लिए ही नियमों के खिलाफ कर रही है काम ?

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नागपुर– महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी द्वारा नियुक्त पिछली बिजली कंपनी ( Sndl ) कंपनी ने डुप्लीकेट (Duplicate) फॉल्टी ( Faulty ) चीन द्वारा निर्मित हांगकांग का गैरकानूनी विघुत मीटर अपनी कंपनी का (Made in India) का लेबल लगाकर और जिस मीटर का कोई भी दस्तावेज न होकर जैसे के तैसे मीटर लगाकर और बनावटी बिजली चोरी का आरोप लगाकर, खुद के ही कर्मचारियों को पंच बनाकर जनता को लूटने वाली (Sndl) तो चली गई, लेकिन आज (Sndl) द्वारा लगाए गए यह डुप्लीकेट (Duplicate) फॉल्टी (Faulty) मीटर जस के तस शहर के नागरिकों के घरों में लगे हुए है. महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी (Msedcl) का कहना था की पिछली कंपनी द्वारा किए गए सभी कार्यो की समीक्षा कर निपटारा किया जाएगा, लेकिन महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) केवल कागजों पर ही ऐसा कहती है पर इसपर अमल नहीं किया जा रहा है. मनमाने टैक्स ( Tax ) लगाकर शहर की जनता को बिजली बिल ( Electricity Bills ) के नाम पर लुटा जा रहा है. यह आरोप कंपनी पर नागरिक जनकल्याण समस्या निवारण समिति के अध्यक्ष प्रभाकर नवखरे ने लगाए है. नवखरे और उनकी संस्था के सदस्य कई वर्षो से बिजली कंपनियों की लूट के खिलाफ नियमों के तहत लड़ रहे है, पिछली कंपनी ( Sndl ) द्वारा इनको कई बार प्रताड़ित भी किया गया. लेकिन इन्होने हार नहीं मानी.

नागरिक जनकल्याण समस्या निवारण समिति के अध्यक्ष प्रभाकर नवखरे द्वारा सुचना के अधिकार ( Rti ) के तहत पिछली कंपनी और अभी की महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) से कई जानकारियां इक्कठा की है और इसके आधार पर ही इन्होने कंपनी के खिलाफ कई खुलासे किए है. नवखरे का कहना है की डुप्लीकेट (Duplicate ) फॉल्टी ( Faulty ) बिजली के मीटर यह सिंगल फेज न होकर टू-फेज है और 430 वोल्टस के है. क्योंकि अगर कोई तकनिकी खराबी होने पर इस मीटर में कोई भी खराबी नहीं होती है, लेकिन ग्राहकों के घरों के कीमती उपकरण टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरण जल जाते है, यहां तक की कई बार मकान और दूकान भी जल जाते है. लेकिन कंपनी इसी तकनीक का लाभ लेकर शहर की जनता की लूट कर रही है. इस (Duplicate ) फॉल्टी ( Faulty ) मीटर में फेज और न्यूट्रल वायर में सीटी का उपयोग किया गया है. जबकि महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी (Msedcl ) के पत्र के अनुसार (लाइव ) वायर में सीटी लगाना चाहिए पर ऐसा नहीं है. जिस कारण यूनिट ज्यादा आता है और ग्राहकों से ज्यादा बिल का पैसा वसूला जा रहा है. यह भी एकतरफा आर्थिक लूट है. महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी (Msedcl ) के लिखित पत्रानुसार कुछ उत्पादक एक सीटी लगाते है और कुछ उत्पादक दो सिटी का इस्तेमाल करते है. इसका अर्थ यह है की महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) खुद ग्राहकों को गुमराह कर जनता को लूट रही है.

इसके साथ ही महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) सही तरीके से कार्योपर देखरेख और दुरुस्ती नहीं कर रही है और जनता से इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrasturcture ) चार्ज लेने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. जैसे डीपी पर अर्थिंग सही नहीं है, ट्रांसफार्मर की कोई सुध लेनेवाला नहीं है, जिसका मेंटनेंस नहीं हो रहा है, ऑइल फ़िल्टर नहीं किया जा रहा है. इलेक्ट्रिक इंस्पेक्टर का कोई भी सुपरविजन नहीं है, सर्टीफिकेट नहीं है, जिसके कारण विघुत ( Electricity ) का लॉस होता है.फिर भी इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrasturcture ) चार्ज लिया जा रहा है, वहन आकार लिया जाता है. इसके कारण भी जनता को लुटा जा रहा है.

महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) ग्राहकों से कहती है कि ईएलसीबी ( Earth Leakage Circuit Breaker) लगवाए, लेकिन इनकी डीपी (Dp ) पर एलटी प्रोटेक्शन ही नहीं है, फिर खुली डीपी पड़ी है, जिसमें बड़े बड़े तार लगाकर फ्यूज खुले लगाए जाते है, इसके कारण शॉट सर्किट होता है, इन लोगों की लापरवाही के कारण एलटी लाईन में ज्यादा झोल होने की वजह से हवा आने पर आपस में टकराने से ग्राहकों के घर के महंगे उपकरण जलते है. लेकिन महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) ग्राहकों पर दोष देती है. अगर इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर इनकी सही तरीके से जांच करे तो यह घटनाएं नहीं हो सकती.

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इन्होने बताया की महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) के निकम्मेपण की वजह से ग्राहकों के घरों में सही वोल्टेज नहीं मिल पाता है और जिसके कारण मीटर की गति (Speed ) बढ़ती है, जिससे बिल ज्यादा आता है.

इसके साथ ही महाराष्ट्र विघुत रेगुलेशन रूल पत्र क्रमांक PR-3/TARIFF/21382 दिनांक 5/7/2014 के अनुसार ग्राहकों के घर की लाईन जाने पर शिकायत दर्ज करने के 3 घंटो में शिकायत दूर नहीं करने पर 50 रुपए प्रति घंटे के अनुसार महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) कंपनी से ग्राहकों को मुहावजा देने की बात कही गई है, लेकिन ऐसा कभी दिखाई नहीं देता की कंपनी ने ग्राहकों को मुहावजा दिया हो.

इसके साथ ही अगर बिल के संबंध में शिकायत करने पर महाराष्ट्र विघुत रेगुलेशन के नियमानुसार 7 दिनों में शिकायत दूर न करने पर 100 /प्रति सप्ताह से महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) से वसूला जाएगा, यह भी कहा गया है.

महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) के एलटी लाईन में वोल्टेज 230 से कम या ज्यादा होने पर महाराष्ट्र विघुत रेगुलेशन नियमानुसार 100 /प्रति सप्ताह व् कॉम्पेन्सेशन ग्राहकों को देने का प्रावधान है.

बिजली मीटर की शिकायत करने पर 4 दिनों के भीतर उसपर अमल नहीं होने पर महावितरण 50 रुपए हफ्ते के हिसाब से ग्राहकों को जुर्माना देगा.

महाराष्ट्र राज्य विघुत वितरण कंपनी ( Msedcl ) के मेन लाईन केबल में फॉल्ट आने पर 8 घंटे में दुरुस्त करना होता है, नहीं करने पर 50/ प्रति घंटे के हिसाब से कंपनी पर जुर्माना लगता है. इसके साथ ही 33 केव्ही /11 पर ब्रेकडाउन होने पर 4 घंटो में दुरुस्त न होने पर 50/ रुपए प्रति घंटे के हिसाब से कंपनी से वसूला जाना यह प्रावधान है. लेकिन इसका पालन कही नहीं होता है. डीपी /ट्रांसफॉर्मर फेल होने पर 18 घंटे में बदलना अनिवार्य है, वर्ना 50/ प्रति घंटे के हिसाब से कंपनी पर जुर्माना लगता है. यह नियम है, लेकिन इन नियमो का नागपुर शहर के ग्राहकों को किसी भी तरह का अब तक लाभ तो मिला ही नहीं है, ऊपर से उनकी जेब जरूर ढीली की जा रही है.

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