Published On : Tue, Oct 3rd, 2017

वेकोलि ने उत्पादन और प्रेषण में रिकार्ड वृद्धि दर्ज की

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WCL, Coal, Nagpur
नागपुर: भारत सरकार के “महारत्न” सार्वजनिक उपक्रम कोल इंडिया लिमिटेड की नागपुर स्थित “मिनी रत्न” अनुषंगी कम्पनी वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 की प्रथम छमाही में अब तक का सर्वाधिक कोयला उत्पादन एवं प्रेषण दर्ज किया है. कंपनी ने सितम्बर 2017 के दौरान सभी संचालन क्षेत्रों में अब तक की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज कर रिकार्ड कायम किया है.

वित्तीय वर्ष 2017 – 18 के दौरान सितम्बर, 2017 तक, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कम्पनी ने कोयला उत्पादन में 8.4% तथा भू-अधिभार हटाने (OBR) में 37% की वृद्धि दर्ज की. इसी प्रकार कोयला प्रेषण में भी अब तक की सर्वाधिक 33.10% की वृधि दर्ज की गई है.
सितम्बर 2017 में वेकोलि ने कोयला उत्पादन तथा प्रेषण में क्रमशः 18% तथा 45% की वृद्धि दर्ज का नया रिकार्ड बनाया.

वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान कंपनी का कोयला उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य 48.5 मिलियन टन है. वेकोलि इस निर्धारित लक्ष्य से कहीं आगे 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर नया रिकार्ड बनाने की ओर अग्रसर है जो 2009-10 के दौरान अब तक का सर्वाधिक कोयला उत्पादन 45.73 मिलियन टन की तुलना में काफी अधिक है.

आलोच्य छमाही में कम्पनी ने अपनी बड़ी उपभोक्ता बिजली कम्पनियों, खासकर “महाजेनको” को गत वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक कोयला प्रेषित (डिस्पैच) किया. यह उपलब्धि वार्षिक योजना से 87 प्रतिशत अधिक है. कोयले की गुणवत्ता में सुधार के कारण पिछले वर्ष के मुकाबले महाजेनको की विशेष खपत में 0.753 से 0.736 किलो ग्राम/किलो वाटआवर की कमी आयी है.

कोयला उत्पादन में वृद्धि तथा पर्याप्त कोयला भंडार के आलोक में 2017-18 के दौरान वेकोलि नए उपभोक्ताओं को अपने साथ जोड़ सकी है. महाजेनको और गुजरात राज्य बिजली बोर्ड में कोल इंडिया की अन्य अनुषंगी कंपनियों से कोल लिंकेज की अदलाबदली ने रेलवे भाड़ा में बचत से बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद की है. इसी तरह, विभिन्न नीलामी विकल्प के जरिये नए उपभोक्ताओं ने वेकोलि में अपनी रूचि दर्शाई है. उपभोक्ताओं की अभूतपूर्व रूचि से उत्साहित वेकोलि वार्षिक 48.5 मिलियन टन कोयला प्रेषण लक्ष्य के आगे 50 मिलियन टन प्रेषण की तैयारी में है.

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इस अवधि में (सितम्बर 2017 तक), प्रतिदिन औसतन 23 रेल रैक लोड किये गये, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 37% प्रतिशत अधिक है. सितम्बर माह में 57% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है.

इसकी चर्चा यहां उपयुक्त प्रतीत होती है कि, कोयला-उत्पादन, ओबी रिमूवल तथा कोयला-डिस्पैच में प्रगति-पथ पर आगे बढने के अलावा अन्य मोर्चों पर भी वेकोलि ने कामयाबी की कई कहानियां लिखी हैं. कोयला-खनन के पारम्परिक कार्य से इतर, नयी सोच और अनूठी पहल के आलोक में, कम्पनी ने ओबी से रेत निकालना, ईंट बनाना, ईको माईन टूरिज्म, खदान से निकले पानी का कृषि-सिंचाई हेतु सदुपयोग, खदान के पानी को पीने योग्य बना कर, “कोल नीर” के रूप में बोतल में उपलब्ध करवाना तथा कौशल विकास की अवधारणा को मूर्त स्वरूप दे कर “मील के कई पत्थर” स्थापित करने में अभूतपूर्व सफलता पायी है. ओबी से रेत, ईंट निर्माण की हमारी नई पहल उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रही है. उत्साहित कोयला कंपनी व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी और रेत निकालने तथा ईंट बनाने की तैयारी में है.

विदित है कि, नवंबर 2015 में प्रारंभ इको माईन टूरिज्म और इको पार्क का एक लाख से अधिक पर्यटक इसका आनंद ले चुके हैं. वेकोलि खदान के पानी का उपयोग करने में अग्रणी रही है. इसके आलावा सिंचाई और पेय जल उपलब्ध करने के लिए भी कंपनी ने पाटनसावंगी में बड़ी जल शुद्धिकरण इकाई की स्थापन की है. बोतल में बंद पेय जल (कोल नीर) फिलहाल आंतरिक उपयोग के लिए शुरू किया गया है, लेकिन ग्रामीण आबादी को सस्ती दर पर उपलब्ध करने के लिए इसे शुरू किया जाएगा.

ग्रामीण युवाओं के लिए वेकोलि की कौशल विकास पहल को भारी सफलता मिली और अब तक करीब दस हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है. उनमें से अधिकांश ने संबंधित कंपनियों में नौकरी शुरू की है या स्वरोजगार प्रारम्भ किया है.

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