Published On : Thu, Feb 8th, 2018

अंबाझरी तालाब किनारे निर्माणकार्य को एनओसी देने से जल संधारण विभाग इनकार

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Ambazari Metro

नागपुर: अंबाझरी तालाब के किनारे मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य के लिए नियम में शिथिलता की माँग राज्य के जल संधारण विभाग ने ख़ारिज कर दी है। नागपुर महानगर पालिका द्वारा नियम को शिथिल करने संबंधी पत्र का जवाब देते हुए विभाग के सचिव ने 31 जनवरी 2018 को मानपा आयुक्त को लिखे पत्र में स्पस्ट किया की वह इस काम के लिए एनओसी जारी नहीं कर सकता। तालाब के सुरक्षा कारणों का तकनीकी निरीक्षण का काम डीएसओ ( डैम सेफ़्टी ऑर्गेनाइजेशन ) के पास है इस वजह से इस संबंध में फैसला उसके अधीन है। इससे पहले भी एक आरटीआई के ज़वाब में 12 मई 2017 को पत्र के द्वारा दी गई जानकारी में जल संधारण विभाग ने कहाँ था की तालाब की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के 2 अगस्त 2013 के जीआर को बदलने का अधिकार उसके पास नहीं है। हालांकि विभाग से साफ़ किया है कि तालाब महानगर पालिका की मिल्कियत का है इस पर वह अपने अनुसार कार्रवाई कर सकती है।

अंबाझरी तालाब के किनारे से मेट्रो लाइन जा रही है जिसका अधिकतर कार्य हो भी चुका है। लेकिन इस काम पर डीएसओ ने अपनी आपत्ति जताई है। डीएसओ के अनुसार तालाब की बाउंड्री वॉल मिट्टी की है जिससे इसकी सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना अधिक संवेदनशील है। अपने अध्ययन में डीएसओ ने तालाब से सटकर किये गए अन्य कामों को भी सुरक्षा के लिए घातक बताया है। डीएसओ का नियम कहता है कि किसी भी तालाब के 200 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माणकार्य नहीं हो सकता। इसी नियम के तहत वह पहले ही मेट्रो के निर्माणकार्य को एनओसी जारी करने का आवेदन ख़ारिज भी कर चुका है।

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तालाब के किनारे निर्माणकार्य की वजह से सुरक्षा का मुद्दा उठने के बाद ख़ुद राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने विधिमंडल में नियम को शिथिल करने का प्रयास किये जाने की जानकारी दी थी। लेकिन जल संधारण विभाग के 31 जनवरी के पत्र से साफ़ होता है की नियम में अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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