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    Published On : Tue, Dec 5th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    किसानों की छोटी माँगो को मानाने के लिए क्या सीएम आत्महत्याओं का कर रहे इंतज़ार

    Yashwant Sinha and Nana Patole
    नागपुर/अकोला: अपनी ही पार्टी की सरकार के ख़िलाफ़ करारे हमले कर रहे नाना पटोले किसानों के मुद्दे पर दिन ब दिन आक्रामक हो रहे है। पहले से ही अकोला में डटे पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के पास मंगलवार को पहुँचे नाना ने एक बार फिर राज्य सरकार को निशाने पर लिया। मुख्यमंत्री फडणवीस को आड़े हाँथो लेते हुए नाना बोले की क्या किसानों की छोटी-छोटी माँगो को मानने के लिए सीएम आत्महत्याओं का इंतज़ार कर रहे है। यही फडणवीस जब विपक्ष में थे तब सरकार के ख़िलाफ़ 302 (हत्या) का मामला दर्ज करने की वकालत किया करते थे। वही फडणवीस अब जब सीएम बन गए है तो उनमे इतना बदलाव कैसा ?

    किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर किसान जागरण मंच द्वारा किये जा रहे आंदोलन में शामिल बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा अकोला में उपस्थित है। सोमवार को उनके ही नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरणा दिया गया। इसी आंदोलन के दौरान सिन्हा और उनके साथियो को गिरफ्तार कर पुलिस ने उन्हें पुलिस मुख्यालय ग्राऊंड ले गयी थी । गिरफ़्तारी के बाद से ही सिन्हा अन्य किसानों के साथ यही पर आंदोलन कर रहे है। सिन्हा से मुलाकात के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए नाना ने कहाँ की आज तक किसी भी सरकार ने किसानों के सवालों को गंभीरता से नहीं लिया है। यह माँगे भले ही छोटी को लेकिन सरकार अपने हठ पर अडी है। पिछले साल बेचीं गई तुअर दाल के पैसे अब तक किसानों को नहीं मिले है। सरकार द्वारा अनाज ख़रीदने के केंद्र नाम मात्र के लिए है। किसानों की माँग पूरी हो सके इसलिए राष्ट्रीय स्तर का नेता अकोला पहुँचता है लेकिन सरकार के ईशारे पर प्रशासन उनके साथ बदसलूखी करता है। यह सिर्फ यशवंत सिन्हा का नहीं बल्कि किसानों का अपमान है।

    सरकार को खरी खोटी सुनाने में नाना यही नहीं रुके वह बोले की सरकार ने अपने चुनावी वादे को ही पूरा नहीं किया। चुनाव के दौरान भाजपा ने कपास को पांच हजार रूपए प्रति क्विंटल का भाव देने का वादा किया था पर हकीकत में आज भी कपास को चार हजार रूपए का भाव भी नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने किसानों को भले ही आश्वाशन दिया हो लेकिन वह सिर्फ कुछ लोगो का भला करने का काम कर रही है। यही उनके दुःख का कारण है।


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